गिरिडीह: बरगंडा कालीमंडा मंदिर में 70 वर्षों की परंपरा कायम, विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
गिरिडीह। दुर्गा पूजा समापन के बाद शहर के दुर्गा मंडपों में भंडारों का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरुवार को बरगंडा स्थित सार्वजनिक कालीमंडा विश्वनाथ मंदिर में हर वर्ष की भांति विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और प्रसाद ग्रहण किया। बरगंडा का यह मंदिर दुर्गा पूजा के लिए शहर के प्रमुख पूजा स्थलों में गिना जाता है।
दोपहर 1 बजे से शुरू हुआ भंडारा देर रात तक चलने की उम्मीद जताई गई है। पूजा समिति के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि यहां पिछले 70 वर्षों से भंडारे की परंपरा निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य अमीर-गरीब का भेदभाव भुलाकर सभी भक्तों को एक साथ प्रसाद ग्रहण कराना है। भंडारे में हजारों लोगों के पहुंचने से मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
मौके पर पूजा समिति के प्रदीप अग्रवाल, नवीन सिन्हा, रवि राज, कवि राज, राजेंद्र भरतिया, मुकेश केशरी और मनोज संघई समेत कई पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के आवागमन और प्रसाद वितरण की व्यवस्था में लगे रहे। दुर्गा पूजा के बाद आयोजित यह भंडारा क्षेत्र की सामाजिक सद्भाव और सामूहिक आस्था का प्रतीक बना रहा।

