फाइलेरिया-मुक्त भविष्य की ओर”। यह एक बहुत ही अहम कदम है जिसे हम सबको मिलकर उठाना है। यह सेमिनार न केवल एक मंच है, बल्कि यह एक आह्वान है कि हम सभी अपनी ज़िम्मेदारियों को समझें और एक स्वस्थ समाज की दिशा में काम करें।

फाइलेरिया, जिसे हम कई बार “हाथीपांव” के नाम से भी जानते हैं, एक ऐसी बीमारी है, जो हमारी लापरवाही, जानकारी की कमी, और जागरूकता की कमी के कारण फैलती है। यह न केवल शारीरिक रूप से गंभीर है, बल्कि यह मानसिक और सामाजिक दृष्टि से भी काफी प्रभाव डालती है। कई बार यह बीमारी लोगों को समाज से अलग-थलग कर देती है और उनकी सामाजिक स्थिति को प्रभावित करती है।

लेकिन, आज हम यहाँ एक उम्मीद लेकर आए हैं।
आज, मेदनीनगर के सूचना भवन में हम एक आवाज़ में कह रहे हैं — “अब बारी है हमारी — फाइलेरिया-मुक्त भविष्य की ओर”। आज से हम यह संकल्प लेते हैं कि हम इस बीमारी को समाप्त करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

हमारी ज़िम्मेदारी

यह हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम न केवल खुद को इस बीमारी से बचाएं, बल्कि समाज में इसके बारे में जागरूकता भी फैलाएं। हर व्यक्ति को यह समझाना ज़रूरी है कि फाइलेरिया केवल एक बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी चुनौती है, जिससे मिलकर लड़ने की जरूरत है।

हमारे पास वह सभी साधन हैं, जिनकी मदद से हम इस बीमारी को पूरी तरह से मिटा सकते हैं। स्वच्छता, स्वास्थ्य, और जागरूकता — यही वह तीन स्तंभ हैं जिनके जरिए हम फाइलेरिया को जड़ से समाप्त कर सकते हैं।

सही कदम उठाने की आवश्यकता

फाइलेरिया से बचाव के लिए हमे कुछ सरल कदमों का पालन करना होगा:

मच्छर से बचाव: मच्छरों के काटने से यह बीमारी फैलती है, इसलिए हमें मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए और मच्छर भगाने वाली दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए।

स्वच्छता बनाए रखना: गंदगी और जलभराव से मच्छरों का प्रजनन होता है, इसलिए हमें अपने आस-पास के वातावरण को साफ रखना चाहिए और पानी के ठहरे हुए स्रोतों को समाप्त करना चाहिए।

स्वास्थ्य जाँच और दवाइयों का सेवन: समय-समय पर फाइलेरिया की जाँच कराना और जरूरत पड़ने पर दवाइयाँ लेना इस बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हमें क्यों जागरूक रहना चाहिए?

कई बार यह बीमारी प्रारंभिक चरणों में लक्षण नहीं दिखाती, और जब लक्षण दिखने लगते हैं तो स्थिति गंभीर हो चुकी होती है। अत: हमे किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर तुरंत मेडिकल सहायता लेनी चाहिए। यही समय है जब हमें अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करना है और उन्हें सही जानकारी देना है।

समाज की भूमिका

हमारा समाज जितना जागरूक होगा, उतनी ही जल्दी हम इस बीमारी से मुक्त हो पाएंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का सही तरीके से उपयोग कर हम इस चुनौती से निपट सकते हैं।
आज इस मंच से मैं आप सभी से यह अपील करता हूं कि हम सब मिलकर अपने समाज को जागरूक करें और फाइलेरिया से लड़ाई में अपना योगदान दें।

समाप्ति

आज का यह सेमिनार एक शुरुआत है। हम सभी को यह संकल्प लेना है कि हम हर दिन इस बीमारी से बचाव के उपायों को अपनाएंगे, दूसरों को जागरूक करेंगे और हर हाल में फाइलेरिया को समाप्त करने के लिए काम करेंगे। हम एक स्वस्थ, खुशहाल और सशक्त समाज की ओर बढ़ेंगे।

अब बारी है हमारी — फाइलेरिया-मुक्त भविष्य की ओर!

हम सभी मिलकर इस मुहिम को सफल बनाएंगे और एक नया, स्वस्थ भविष्य बनाएंगे।