धुरकी प्रखंड के सभी गांवों में शारदीय नवरात्रि बड़े ही धूमधाम से हुआ  सम्पन्न

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धुरकी प्रखंड के सभी गांवों में शारदीय नवरात्रि बड़े ही धूमधाम से हुआ  सम्पन्न

धुरकी प्रखंड क्षेत्र के सभी गांवों में शारदीय नवरात्रि बड़े ही धुमधाम से मनाया गया,हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व है ।15 अक्टूबर से शुरू हुई शारदीय नवरात्र 24 अक्टूबर को विजय दशमी समाप्त हो गई इन नव दिनों में मां दुर्गा के नव स्वरूपों कि पुजा कि गई शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री की विधिवत पूजा करने का विधान है। वहीं नवरात्र की नवमी दशमी तिथि को कलश विसर्जन करने का विधान है। नवरात्र की अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है। इसके बाद ही हवन आदि करने के बाद पारण विधिवत तरीके से किया जाता है।

भगवान राम ने मां दुर्गा से प्राप्त दिव्यास्त्र की मदद से अहंकारी रावण का अंत किया था रावण की मृत्यु को असत्य पर सत्य और न्याय की जीत के उत्सव के रूप में मनाया जाता है. प्रभु श्री राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी इसलिए यह दिन विजया दशमी कहलाया.

वहीं मां दुर्गा ने महिषासुर का वध भी किया था. महिषासुर नामक इस दैत्य ने तीनों लोक में उत्पात मचाया था. देवता भी जब इस दैत्य से परेशान हो गए थे. देवताओं को और पूरी दुनिया को महिषासुर से मुक्ति दिलाने के लिए देवी ने आश्विन शुक्ल दशमी तिथि को महिषासुर का अंत किया था. देवी की विजय से प्रसन्न होकर देवताओं ने विजया देवी की पूजा की और तभी से यह दिन विजया दशमी कहलाया. साथ ही इस दिन अस्त्रों की पूजा भी की जाती है। वहीं धुरकी थाना प्रभारी संतोष कुमार ने सभी दुर्गा पूजा पंडाल में पहुंच कर ज्यजा लेते हुए धुरकी थाना क्षेत्र के सभी गांवों में शांति पूर्ण तरीके से मां दुर्गा के प्रतिमा को विसर्जन किया गया।

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