धुरकी के मिरचैया विद्यालय में सूचना पटल पर गलत नामों का मामला, शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय मिरचैया में जुड़ा हुआ मामला जहाँ विद्यालय के सूचना पटल पर गंभीर त्रुटियाँ देखने को मिली है। सूचना पटल पर वर्तमान शिक्षा मंत्री का नाम गलत रूप से जगरनाथ महतो अंकित है, जबकि उनका निधन हो चुका है। इसके अतिरिक्त राज्यपाल के रूप में रमेश वैश्य का नाम लिखा गया है, जबकि वर्तमान में राज्यपाल कोई अन्य हैं। इस प्रकार की गलत जानकारी का सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधा सवाल खड़ा करता है।सरकार प्रत्येक वर्ष विद्यालयों को अनुदान राशि उपलब्ध कराती है, ताकि विद्यालयों का रंग-रोगन, साफ-सफाई एवं सूचना पटल का अद्यतन कार्य किया जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि विद्यालय का वातावरण शिक्षाप्रद हो और विद्यार्थियों को सही व अद्यतन जानकारी प्राप्त हो। लेकिन जब विद्यालय के सूचना पटल पर ही गलत तथ्य अंकित हों, तो इससे बच्चों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और शिक्षा की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है। सूचना पटल कई वर्षों से अद्यतन नहीं किया गया है, जबकि इसके लिए अलग से सरकारी राशि उपलब्ध कराई जाती है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर भी इशारा करता है।वहीं इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विनोद पांडेय ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। यह एक गंभीर त्रुटि है और इसकी जाँच कराई जाएगी। संबंधित विद्यालय को शीघ्र ही सूचना पटल को अद्यतन करने का निर्देश दिया जाएगा तथा लापरवाही बरतने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इस प्रकार की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में निगरानी और जवाबदेही की अत्यंत आवश्यकता है, ताकि बच्चों को सही जानकारी मिले और शिक्षा विभाग की साख बनी रहे।