चीनी की बढ़ती कीमतों पर केंद्र पर बरसे दीपांकर भट्टाचार्य, बोले- सरकार का रवैया ‘मजाक वाला’; छात्र आंदोलन पर भी दी नसीहत
चीनी की बढ़ती कीमतों पर सरकार के रवैये को दीपांकर भट्टाचार्य ने बताया ‘मजाक वाला’, छात्र आंदोलन को लेकर भी दी केंद्र और राज्य सरकार को नसीहत
दीपांकर भट्टाचार्य ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि किसी ने सोचा भी नहीं था कि भारत जैसे देश में चीनी 70 रुपये प्रति किलो बिकेगी. यह हैरानी की बात है कि हालात अचानक ऐसे हो गए हैं कि भारत को चीनी आयात करनी पड़ रही है. चीनी के मुद्दे पर सरकार का रवैया मजाक वाला है.
दीपांकर भट्टाचार्य रविवार को पलामू सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकारी की नीतियों के कारण चीनी की कीमतें बढ़ी हैं. अचानक से इथेनॉल थोपा जा रहा है. नितिन गडकरी के बेटे इथेनॉल का कारोबार कर रहे हैं. इधर, सरकार ने अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए आम आदमी की जेब पर हमला बोला है.दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि देश भर में महंगाई तेजी से बढ़ रही है और रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदने के लिए भी लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है.
उन्होंने ने महंगाई और छात्रों के आंदोलन को लेकर केंद्र और झारखंड, दोनों सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि देश भर में जहां भी छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, वहां आम मुद्दे बहाली में भ्रष्टाचार और परीक्षाओं में धांधली हैं. अब स्कूली छात्र भी आंदोलन कर रहे हैं, क्योंकि देश में स्कूली शिक्षा भी बर्बादी की कगार पर है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी जी को गाली या हेमंत सोरेन का पुतला जलाने जैसे बहाने बनाकर छात्रों के आंदोलन का दमन नहीं जा सकता. सरकार को संजीदगी और गंभीरता से छात्रों से बात करनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए. जब छात्र कही आंदोलन करते हैं या पुतला जलाते हैं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा के सदस्य नाराज हो जाते हैं, जबकि पुतला जलाना लोकतांत्रिक विरोध का एक जायज तरीका है.
उन्होंने कहा कि मोदी जी को गाली या हेमंत सोरेन का पुतला जलाने के बहाने छात्र आंदोलनों का दमन नहीं किया जाना चाहिए. इसके बजाय, उनकी शिकायतों का समाधान किया जाना चाहिए और लोकतांत्रिक अधिकारों की गारंटी दी जानी चाहिए.

