बरवाडीह में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, जनप्रतिनिधियों ने किया पौधारोपण
एक पेड़ माँ के नाम : बरवाडीह में हरियाली और सम्मान का अनूठा अभियान बरवाडीह, प्रकृति संरक्षण और मातृत्व के सम्मान को समर्पित एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत यहाँ विभिन्न प्रजातियों के अनेक पौधे लगाए गए। इस अभियान का उद्देश्य केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि माँ के प्रति सम्मान, प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करना भी है। कार्यक्रम की शुरुआत मनिका विधानसभा के विधायक श्री रामचंद्र सिंह, पश्चिम जिला प्रसिद्ध श्रीमती संतोषी शेखर,सीओ लवकेश सिंह,कांग्रेस पार्टी युवा केबिनेट श्री विजय बहादुर सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रविंद्र राम, कांग्रेस अध्यक्ष अवधेश वर्मा,नसीम अंसारी, अनिल सिंह,अजय चंद्रवंशी, संजय श्रीवास्तव, रुद्रप्रताप सिंह,अजीत कुमार ,शशि कुमार सिंह ,रवि पासवान, जयशंकर कुमार,समेट कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहें। अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद सभी ने मिलकर पौधारोपण किया। इस अवसर पर लीची, रुद्राक्ष,आम, अन्य छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। हर पौधा एक माँ के नाम समर्पित किया गया, जिससे यह संदेश दिया जा सके, कि जिस प्रकार माँ हमें जीवन देती है, उसी प्रकार पेड़ भी हमें जीवनदायी ऑक्सीजन, स्वच्छ वातावरण, फल, छाया और प्राकृतिक संतुलन प्रदान करते हैं।वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि आज जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र के कारण पर्यावरण गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी उतना ही आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे तथा उनकी नियमित देखभाल करेंगे। कई लोगों ने अपनी माताओं के नाम से पौधे लगाकर उन्हें जल अर्पित किया और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
यह अभियान समाज में पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ परिवार और संस्कृति के मूल्यों को भी मजबूत करने का संदेश देता है। जब एक पौधा किसी माँ के नाम लगाया जाता है, तो वह केवल एक पौधा नहीं रहता, बल्कि प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक बन जाता है।अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प दोहराया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करेंगे, लगाए गए पौधों की देखभाल करेंगे और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ वातावरण बनाने में अपना योगदान देंगे।
बरवाडीह से रिपोर्ट अर्चना कुमारी।

