भूदान की जमीन के सीमांकन पर भड़के ग्रामीण, जांच और कार्रवाई रोकने की मांग
हरिहरगंज संवाददाता मनोज कुमार
हरिहरगंज अंचल क्षेत्र के कटैया पंचायत अंतर्गत कजरू कला मौजा की दान भूम ि पर शनिवार को प्र प्रशासन द्वारा कराए गए सीमांकन के बाद दलित एवं भूमिहीन किसानो ं में आक्रोश व्याप्त है। सीमांकन के दौरान हरिहरगंज, पिपरा, छतरपुर और नौडीहा बाजार थाना की पुलिस तैनात रही, जिसस े ग्रामीणो ं में भय का माहौल बना रहा। ग्रामीणो ं का कहना है कि वर्ष 1966 में तत्कालीन न बिहार बिहार सरकार की भूदान (यज्ञ) समिति ने उक्त भूम ि भूमिहीन दलित एवं श्रमिक परिवारों के बीच आवंटित की थी। उनका दावा ह ै कि वे वर्षों से इस भूम ि पर खेती
करते आ रहे है ं तथा वर्ष 2015
तक इस जमीन का सरकारी लगान
भी जमा करते रहे, जिसकी रसीदें उनके पास उपलब्ध हैं। ग्रामीणो ं का आरोप है कि उनकी आपत्तियो ं का निस्तारण किए बिना सीमांकन कराया गया। उनका कहना है कि यही भूम ि उनके परिवारों की आजीविका का एकमात्र साधन है। और प्रशासनिक कार्रवाई से वे
भूमिहीन होने की स्थिति मे ं पहुंच गए हैं। ग्रामीणो ं ने उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, भूदान से संबंधित अभिलेखों एवं वर्ष 2015 तक जारी लगान रसी की जांच कराने तथा जांच परी होने तक विवादित भूम ि पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगाने
की मांग की है। अंचल अधिकारी मनीष कुमार सिन्हा ने ग्रामीणो ं के दावों को खारिज करते हुए कहा कि भूदान समिति को गैरमजरूआ भूम ि बांटन े का अधिकार नही ं था। उन्होंने बताया कि संबंधित लगभग 17 एकड़ भूम ि में केवल दो-तीन लोगों
के पास ही वैध दस्तावेज हैं, जबकि
शेष भूम ि सरकारी अभिलेखों में खाली दर्ज है। उन्होंन े कहा कि स्थल निरीक्षण में खेती के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। उनके अनुसार, उक्त भूम ि नगर प्रशासन को हस्तांतरित की जा चुकी है, जहा ं ठोस अपशिष्ट (कचरा) प्रबंधन प्लांट स्थापित किया जाना प्रस्तावित है।

