अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में पलामू का परचम, रविरंजन प्रभु व आशीष सम्मानित

अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन में पलामू का परचम: रविरंजन प्रभु ‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ और आशीष ‘ज्योतिषी भूषण’ से सम्मानित

​ मेदिनीनगर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष महासम्मेलन, ‘ज्योतिष समागम एवं दैवज्ञ सम्मान समारोह’ में पलामू (झारखंड) के ज्योतिषाचार्यों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया। 3 और 4 अक्टूबर 2026 को ‘जीवन रेखा ज्योतिष शोध केंद्र’ के तत्वावधान में संपन्न हुए इस भव्य कार्यक्रम में पलामू के प्रसिद्ध ज्योतिषी रविरंजन प्रभु को प्रतिष्ठित ‘लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ अवार्ड, मेडल और सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
​इसके साथ ही, पलामू के ही एक अन्य ज्योतिषी आशीष को ज्योतिष शास्त्र के क्षेत्र में उनके सराहनीय योगदान के लिए ‘ज्योतिषी भूषण अवार्ड’ से नवाजा गया। एक ही राष्ट्रीय मंच पर पलामू के दो-दो विद्वानों की इस उपलब्धि से पूरे जिले और ज्योतिष जगत में खुशी की लहर है।
​’मांगलिक भंग योग’ पर प्रस्तुत किया विशेष शोध
समारोह के शोध सत्र में ज्योतिषाचार्य रविरंजन प्रभु ने ज्योतिष शास्त्र के विभिन्न आयामों और अपने नवीन अनुसंधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से ‘मांगलिक भंग योग’ पर अपना गहन शोध और विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनमानस में मांगलिक दोष को लेकर फैली भ्रांतियों के विपरीत, शास्त्रों में वर्णित ‘भंग योग’ के माध्यम से इसके प्रभावों का सही मूल्यांकन कैसे किया जाता है। उनके इस शोधपरक संबोधन की सम्मेलन में मौजूद देश-विदेश के दैवज्ञों और विद्वानों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
​पलामू का नाम रोशन करने पर जताई खुशी
पुरस्कार प्राप्त करने के उपरांत रविरंजन प्रभु एवं ज्योतिषी आशीष ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि यह पूरी पलामू की माटी और सनातन वैदिक ज्योतिष परंपरा का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें भविष्य में ज्योतिषीय अनुसंधानों और जन-कल्याणकारी कार्यों के लिए और अधिक समर्पित भाव से काम करने की प्रेरणा देगी।