अधिवक्ता समुदाय का चेतावनी भरा बयान: न्यायविदों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा
न्यायविदों का अपमान नहीं सहन करेंगे —- चुन्नू कांत गिरिडीह
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव एवं भाजपा प्रदेश कार्य समिति के सदस्य चुन्नू कांत ने कहा कि न्यायविदों का अपमान अधिवक्ता समुदाय कभी सहन नहीं करेगा ।इसका प्रतिकार जबरदस्त तरीके से होगा। जिसका दुष्परिणाम ऐसे साजिश रचने वाले अधिकारी और षड्यंत्रकारियों को झेलना पड़ेगा।
उक्त बातें श्री कांत ने आज यहां आयोजित संवाददाता वार्ता के साथ में कहीं। धनबाद की घटना पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि जिस रास्ता को दीवार देकर अवरुद्ध करने का कार्य धनबाद के सिविल सर्जन ने किया है, शायद वह भूल गए कि वहां धनबाद नहीं राज्य नहीं पूरे देश के एक ख्याति प्राप्त न्याय विद देश के उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति रहे जस्टिस सी बी सिन्हा के नाम पर द्वारा बना था। उस द्वार का उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति और धनबाद के जोनल जज महोदय ने किया था ।अधिवक्ताओं का अपराध यही है कि उस रास्ते से वे आना-जाना करते हैं। रास्ते पर चलना यदि अपराध है तो यह अपराध अधिवक्ता बार-बार करेंगे। अधिवक्ता समुदाय सब कुछ बर्दाश्त कर सकता किंतु न्यायिक प्रणाली में जो लोग शामिल हैं और न्याय मूर्ति तो उसके सर्वो सर्वोच्च स्थान पर आसीन होते हैं। वैसे महानुभावों का अपमान अधिवक्ता समाज नहीं करेगा । इसका दुष्परिणाम धनबाद के सिविल सर्जन को झेलना पड़ेगा। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा की स्वास्थ्य महकमा के कुछ महिला कर्मियों को आगे कर वहां कुछ लोग राजनीति करना शुरू कर दिया है। झारखंड में नौकरशाह भी राजनेता हो गए हैं ।इस मौके पर उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि मामले में अभिलंब हस्तक्षेप करें और वहां से मार्ग को साफ करें। ताकि उस रास्ते से अधिवक्ता सुगमता पूर्वक आना-जाना कर सके। उन्होंने इस बात की भी चेतावनी दी कि अगर इसकी अनदेखा कि गयी तो अधिवक्ता समुदाय ऐसे अवरोध से घबराने वाले नहीं है। एक साजिश के तहत कुछ पुलिस अधिकारी को भेज कर अधिवक्ताओं के आंदोलन को कमजोर करने की साजिश की गई है। वैसे अधिकारियों को सावधान करते हुए उन्होंने कहा कि आप शासन के हिस्सा हैं। आपका काम कानून व्यवस्था को शांतिपूर्वक संचालित करना है। साजिश और षड्यंत्र में जो अधिकारी शामिल होंगे उनको भी समय के साथ जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य भर के अधिवक्ता वहां जुटेंगे और इस साजिश का पर्दाफाश करेंगे। उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सम्मानजनक तरीके से उसका रास्ता शासन नहीं निकालेंगे ।शायद उन्हें इस बात का मुगालता है कि आंदोलन लंबा होगा तो अधिवक्ता घबराएंगे ऐसा कभी नहीं होने वाला है।

