आत्मनिर्भर भारत ही नए राष्ट्रवाद का आधार, युवा प्रबोधन कार्यक्रम में छात्रों को मिला राष्ट्र निर्माण का संदेश

आत्मनिर्भर भारत ही नए राष्ट्रवाद का आधार

सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गिरिडीह में “युवा प्रबोधन कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत के निर्माण में नागरिक कर्तव्य (Civic Sense) एवं स्व के मंत्र की भूमिका” रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन, नागरिक कर्तव्यों एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के प्रो. डॉ. शशांक कुलकर्णी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आत्मनिर्भर भारत ही नए राष्ट्रवाद का आधार है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का प्रत्येक युवा आत्मविश्वासी, स्वावलंबी एवं जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान, कौशल एवं संस्कारों का उपयोग समाज और राष्ट्र के हित में करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. श्री विजय सिंह ने कहा कि सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में उद्यमिता (Entrepreneurship) और नेतृत्व क्षमता का भी विकास कर रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मनिर्भर बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि संस्थान ने पिछले 9 वर्षों के उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के बल पर गिरिडीह का पहला बी.टेक. कॉलेज बनने का गौरव प्राप्त किया है। संस्थान गिरिडीह एवं आसपास के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा यहां के छात्र आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा रहे हैं।

अन्य वक्ताओं में पतरातू आईटीआई कॉलेज के निदेशक डॉ. संजीत ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में स्वावलंबन को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया। वहीं यूपीएससी के सदस्य डॉ. तपेश्वर जी ने विद्यार्थियों को सिविक सेंस एवं जिम्मेदार नागरिक के कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर एबीवीपी, रामगढ़ के अध्यक्ष श्री सुनील जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में सभी ने आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं जिम्मेदार नागरिक बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।