गिरिडीह में कड़ी सुरक्षा के बीच JTET परीक्षा शुरू, 46 केंद्रों पर 32,043 अभ्यर्थी दे रहे परीक्षा
गिरिडीह। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) रविवार को गिरिडीह जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। करीब एक दशक के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस परीक्षा का पिछला आयोजन वर्ष 2016 में हुआ था। जिले के 46 परीक्षा केंद्रों पर 32043 अभ्यर्थी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा दे रहे हैं।
परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त रखने के लिए उपायुक्त रामनिवास यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत सभी परीक्षा केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू की है। केंद्रों की चहारदीवारी से 500 मीटर की परिधि में अनधिकृत जमावड़ा और अन्य गतिविधियों पर रोक रहेगी।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित हो रही है। उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की पहली पाली सुबह 9:30 से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) की दूसरी पाली दोपहर 2 से शाम 4:30 बजे तक होगी। पहली पाली के अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले, सुबह 7:30 बजे तक केंद्र पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों की जांच कर केंद्रों में प्रवेश कराया गया।
सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल, सीसीटीवी निगरानी और स्ट्रॉन्ग रूम की व्यवस्था की गई है। उड़नदस्ता दल केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहे हैं, ताकि नकल, प्रश्नपत्र से छेड़छाड़ या किसी अन्य गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके। प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन, वितरण और ओएमआर शीट के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
परीक्षार्थियों को एडमिट कार्ड की प्रिंटेड प्रति, मूल फोटो पहचान पत्र और पारदर्शी बॉल पॉइंट पेन लाना अनिवार्य है। वहीं मोबाइल, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ उपकरण, पर्स, पाउच व नोट्स जैसी प्रतिबंधित सामग्री केंद्र में ले जाना सख्त मना है। निर्धारित समय के बाद किसी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
प्रशासन ने कहा है कि लंबे इंतजार के बाद आयोजित हो रही इस महत्वपूर्ण शिक्षक पात्रता परीक्षा के संचालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि परीक्षा शांतिपूर्ण, भरोसेमंद और कदाचारमुक्त ढंग से संपन्न हो।

