विजयादशमी पर नारायण सेवा समिति की पहल, परहैया परिवारों में बांटे वस्त्र और मिठाइयां

सेवा ही साधना, समाज ही परिवार*
विजयादशमी पर नारायण सेवा समिति ने परहैया परिवारों में बांटी खुशियां

पलामू (सतबरवा)। विजयादशमी-दशहरा के पावन पर्व पर नारायण सेवा समिति सतबरवा ट्रस्ट ने सेवा और समरसता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। समिति के अध्यक्ष निर्देश कुमार के नेतृत्व में पलामू जिला के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत रबदा पंचायत के ग्राम सलैया में परहैया समुदाय के परिवारों के बीच सैकड़ों वस्त्र और मिठाई का वितरण कर पर्व की खुशियों को साझा किया गया।

इस भव्य वितरण कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष निर्देश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि “सेवा ही साधना है और समाज ही हमारा परिवार है। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। आज हमने इसी भावना के साथ अपने परहैया भाई-बहनों के बीच वस्त्र और मिठाई बांटकर खुशी बांटी है।” निर्देश कुमार ने आगे कहा कि समिति निरंतर वंचित और कमजोर वर्गों तक पहुंच बनाने का प्रयास कर रही है ताकि हर व्यक्ति पर्व की खुशी का हिस्सा बन सके।

कार्यक्रम स्थल पर ग्राम सलैया के शिक्षक बिहारी प्रसाद, उमेश परहैया, हरेंद्र परहैया, बिहारी परहैया, राजेंद्र परहैया, समुद्र तथा वीरेंद्र मुख्य रूप से मौजूद रहे। इनके अलावा क्षेत्र के कई अन्य ग्रामीण और समिति के कार्यकर्ता भी इस पुण्य कार्य में शामिल हुए। लाभार्थियों ने समिति के इस प्रयास की सराहना की और आभार व्यक्त किया।

निर्दोष कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को नए वस्त्र तथा मिठाई भेंट किए गए। पूरे वातावरण में उत्साह और भाईचारे की लहर दिखी। समिति के सदस्यों ने बताया कि यह वितरण मात्र एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का संकल्प है।

नारायण सेवा समिति सतबरवा ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से पलामू क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, वस्त्र वितरण और आपदा राहत जैसे कार्यों में सक्रिय है। अध्यक्ष निर्देश कुमार के नेतृत्व में समिति ने विजयादशमी जैसे पर्वों को सेवा का माध्यम बनाकर सामाजिक समरसता को मजबूत करने का प्रयास जारी रखा है।

इस अवसर पर मौजूद सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं। निर्देश कुमार ने अंत में सभी सहयोगियों और लाभार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी समिति इसी भावना के साथ सेवा कार्यों को आगे बढ़ाती रहेगी।

सेवा ही साधना, समाज ही परिवार – इस मूल मंत्र के साथ नारायण सेवा समिति सतबरवा ट्रस्ट का यह प्रयास क्षेत्रवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।