आदिवासी जमीन और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार जवाब दे: गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी

आदिवासी जमीन और भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार जवाब दे: गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी

गढ़वा। गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने अपने पूर्व के बयान पर कायम रहते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) पर उनके वक्तव्य को तोड़-मरोड़कर पेश करने और आदिवासियों के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी हितों की बात करने वाले नेताओं को पहले जमीन से जुड़े विवादों, भ्रष्टाचार के आरोपों और जनहित के मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य में आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग की जमीन से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सींगा कला, बरदरी, शिवनाला, बंदुआ, कुस्मही, कुरुमदारी और सोहबरिया सहित कई गांवों का उल्लेख करते हुए पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर से इन मामलों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

नौकरी और प्रतियोगी परीक्षाओं पर सरकार को घेरा

सत्येंद्रनाथ तिवारी ने सरकारी नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के युवाओं के हितों की अनदेखी की गई है। बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को अवसर देने और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के उचित अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

जल जीवन मिशन और अवैध कारोबार की जांच की मांग

विधायक ने बालू, कोयला और पत्थर के कथित अवैध कारोबार के साथ जल जीवन मिशन में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। उन्होंने जल जीवन मिशन में लगभग 5,200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का मुद्दा उठाया और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इस संबंध में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच और संबंधित अभिलेख आवश्यक हैं।

राशन और स्थानीय भाषा का मुद्दा भी उठाया

विधायक ने गरीबों को राशन मिलने में आ रही कथित परेशानियों पर चिंता जताई। साथ ही पलामू प्रमंडल की मगही, भोजपुरी और अंगिका भाषाओं को नौकरी एवं स्थानीय भाषा संबंधी सूची से हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस फैसले से क्षेत्र के युवाओं और युवतियों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

राजनीतिक कार्यक्रमों पर भी साधा निशाना

सत्येंद्रनाथ तिवारी ने आरोप लगाया कि जमीन, रोजगार और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए झामुमो समर्थक पुतला दहन और घेराव जैसे राजनीतिक कार्यक्रम कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और झामुमो युवा मोर्चा के अध्यक्ष संजय छोटू पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उनके द्वारा लगाए गए व्यक्तिगत और कानूनी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता दी जानी चाहिए।

एमएमडीआर बिल पर बयान को लेकर दी सफाई

एमएमडीआर बिल को लेकर अपने पूर्व के बयान पर विधायक ने कहा कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से अलग करके राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो इस मामले का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

अंत में विधायक ने कहा कि राज्य की जनता को जमीन, रोजगार, शिक्षा, राशन और भ्रष्टाचार जैसे बुनियादी मुद्दों पर स्पष्ट जवाब चाहिए। उन्होंने सरकार से इन मामलों में पारदर्शिता बरतने और आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

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