मेदिनीनगर में दुर्गापूजा को लेकर शांति समिति की बैठक, डीसी-एसपी ने दिए सुरक्षा और सौहार्द के निर्देश
दुर्गापूजा को लेकर मेदिनीनगर टाउन हॉल में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित
डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और एसपी कपिल चौधरी के नेतृत्व में हुई बैठक, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार संपन्न कराने पर जोर
मेदिनीनगर (पलामू)। आगामी दुर्गापूजा पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर मेदिनीनगर स्थित टाउन हॉल में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व पलामू के उपायुक्त (डीसी) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत एवं पुलिस अधीक्षक (एसपी) कपिल चौधरी ने किया। बैठक में जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने, आपसी भाईचारे को मजबूत करने तथा दुर्गापूजा के दौरान विधि-व्यवस्था दुरुस्त रखने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में नगर आयुक्त रंजीत लाल, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सहित जिले के विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी तथा दोनों समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों एवं शांति समिति के सदस्यों ने दुर्गापूजा के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों पर चर्चा करते हुए त्योहार को आपसी सहयोग, सद्भाव और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने पर जोर दिया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य दुर्गापूजा के अवसर पर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल उपलब्ध कराना रहा। इस दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने पर्व के दौरान आपसी समन्वय और सतर्कता को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, शांति समिति के सदस्यों की भूमिका पर भी चर्चा की गई, ताकि किसी भी परिस्थिति में सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो।
आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं त्योहार
दुर्गापूजा झारखंड सहित पूरे देश में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है। इस दौरान विभिन्न पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पर्व को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस, पूजा समितियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। बैठक में इसी समन्वय को मजबूत करने तथा सभी समुदायों के बीच आपसी विश्वास और भाईचारा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने भी शांतिपूर्ण वातावरण में दुर्गापूजा संपन्न कराने के लिए सहयोग की भावना को महत्वपूर्ण बताया। सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों की भूमिका अहम मानी गई।
प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता पर चर्चा हुई। सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों की उपस्थिति में पर्व के दौरान स्थानीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी समस्या का समय रहते समाधान करने के महत्व पर विचार-विमर्श किया गया।
प्रशासन की ओर से त्योहार के दौरान सजगता, जिम्मेदारी और आपसी सहयोग के साथ कार्य करने पर जोर दिया गया। बैठक में मौजूद दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने भी सामाजिक समरसता बनाए रखने के सामूहिक प्रयास को रेखांकित किया।
शांति व्यवस्था बनाए रखने में आम लोगों की भूमिका अहम
दुर्गापूजा जैसे बड़े पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में प्रशासन और पुलिस के साथ आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समाज के सभी वर्गों के सहयोग से ही त्योहार के दौरान सकारात्मक माहौल कायम रखा जा सकता है। शांति समिति की बैठक इसी उद्देश्य से आयोजित की गई, ताकि सभी पक्ष मिलकर जिले में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की दिशा में काम कर सकें।
बैठक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्व-त्योहार सामाजिक एकता, प्रेम और भाईचारे का प्रतीक हैं। इसलिए सभी लोगों को आपसी सम्मान और सद्भाव के साथ दुर्गापूजा मनाने की दिशा में सहयोग करना चाहिए।
जिला प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक को दुर्गापूजा के दौरान शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में अधिकारियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों की भागीदारी ने शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार संपन्न कराने के सामूहिक संकल्प को मजबूत किया।

