गिरिडीह उपचुनाव में उत्कर्ष महतो की एंट्री के संकेत? आजसू के बड़े कार्यक्रम से बढ़ी सियासी हलचल
गिरिडीह उपचुनाव में उत्कर्ष महतो की एंट्री के संकेत! आजसू के बड़े कार्यक्रम से बढ़ी सियासी हलचल
पीरटांड़ के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय युवा नेता उत्कर्ष महतो के नाम की चर्चा तेज, उम्मीदवारी पर अब तक आधिकारिक मुहर नहीं
गिरिडीह। गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती नजर आ रही है। इसी बीच युवा नेता उत्कर्ष महतो के संभावित चुनाव लड़ने की चर्चा ने जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। 11 अक्टूबर को उनके नाम को लेकर प्रिंट मीडिया में चर्चा सामने आने के बाद क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं, उत्कर्ष महतो के नेतृत्व में आजसू पार्टी के एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन को भी पार्टी की बढ़ती सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
2022 से क्षेत्र में सक्रिय हैं उत्कर्ष महतो
युवा नेता उत्कर्ष महतो वर्ष 2022 से गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। विशेष रूप से पीरटांड़ प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में उनका जनसंपर्क और स्थानीय समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता चर्चा में रही है। उनके पिता भी वर्ष 2013 से क्षेत्र में सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में महतो परिवार का ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से संपर्क रहा है।
झारखंड आंदोलन से जुड़ा रहा है परिवार
उत्कर्ष महतो के पिता झारखंड आंदोलनकारी रहे हैं। परिवार के अनुसार, झारखंड आंदोलन और डोमिसाइल आंदोलन के दौरान उन्हें 26 से अधिक मामलों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, सीसीए के तहत कार्रवाई होने की बात भी परिवार की ओर से कही जाती है। वर्ष 2020 में खुखरा थाना कैंप आंदोलन से जुड़े एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया जाता है। परिवार की यह पृष्ठभूमि उसकी सामाजिक और राजनीतिक यात्रा का अहम हिस्सा रही है।
आजसू के कार्यक्रम से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
11 अक्टूबर को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और भारतीय जनता पार्टी के प्रभाव वाले माने जाने वाले गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र में आजसू पार्टी ने उत्कर्ष महतो के नेतृत्व में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष गुड्डू यादव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम को क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक सक्रियता और स्थानीय नेतृत्व की मजबूती के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
उत्कर्ष महतो की क्षेत्र में सक्रियता, महतो परिवार की राजनीतिक-सामाजिक पृष्ठभूमि और आजसू के कार्यक्रम ने गिरिडीह विधानसभा की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब राजनीतिक हलकों की नजर उनके अगले कदम और संभावित चुनावी रणनीति पर टिकी है।
हालांकि, उत्कर्ष महतो या आजसू पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी को लेकर अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में उनके चुनाव लड़ने की संभावनाओं को फिलहाल राजनीतिक अटकलों के रूप में ही देखा जा रहा है। यदि उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा होती है, तो आगामी उपचुनाव में गिरिडीह की राजनीतिक तस्वीर को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।

