पांकी में PM आवास योजना में बड़ा खेल, हमनाम के खाते में पहुंची किस्त

पांकी की केकरगढ़ पंचायत में PM आवास योजना में बड़ा खेल,वास्तविक लाभुकों का हक मारकर दूसरे गांव के ‘हमनाम’ को दी गई किस्त

​पांकी
पलामू जिले के पांकी प्रखंड अंतर्गत केकरगढ़ पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में भारी धांधली और हेराफेरी का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। योजना के तहत स्वीकृत मकान वास्तविक पात्र लाभुकों को मिलने के बजाय दूसरे गांव में रहने वाले उनके ही ǰ’हमनाम’ (समान नाम वाले) व्यक्तियों को आवंटित कर दिए गए। पहली किस्त जारी होने के बाद उजागर हुए इस मामले में 6 माह से ज्यादा अवधि बीत जाने के बाद भी पीड़ितों को कोई न्याय नहीं मिला है। थक-हारकर वास्तविक लाभुक अब न्याय के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं और प्रखंड प्रमुख से शिकायत दर्ज कराई है।
​नाम का फायदा उठाकर दूसरे गांव के लोगों को दिया गया आवास
​पूरा मामला केकरगढ़ पंचायत के अलग-अलग गांवों का है, जहां पंचायत व संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही या मिलीभगत से यह गड़बड़ी की गई:
​केकरगढ़ गांव के निवासी अरविंद यादव के नाम पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह आवास जोतांग गांव के रहने वाले अरविंद यादव के नाम दर्ज कर दिया गया।
​इसी प्रकार हेड़ुम गांव के निवासी मनोज यादव के नाम पर आए पीएम आवास को जोतांग गांव के मनोज यादव के नाम पर ट्रांसफर कर दिया गया।
​प्रथम किस्त के भुगतान के बाद हुआ खुलासा
​इस फर्जीवाड़े की पोल तब खुली जब योजना की प्रथम किस्त की राशि जारी हुई। जब केकरगढ़ के अरविंद यादव और हेड़ुम के मनोज यादव अपने आवास निर्माण के लिए पहली किस्त की जानकारी लेने पहुंचे, तब पता चला कि उनके हिस्से की राशि जोतांग गांव के अरविंद और मनोज के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
​ लगभग 6 माह से ज्यादा अवधि से भटक रहे पीड़ित, नहीं निकला कोई समाधान
​घटना को उजागर हुए 6 माह से ज्यादा अवधि बीत चुका है। वास्तविक लाभुक न्याय पाने के लिए लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं। पीड़ितों का कहना है कि:
लगभग 6 माह से ज्यादा अवधि बीत जाने के बाद भी न तो गलत तरीके से भेजी गई राशि की वसूली की गई है और न ही उन्हें उनका हक मिला है।
​अधिकारी और कर्मचारी केवल आश्वासन देकर मामले को टाल रहे हैं, जिससे गरीब परिवार कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
​प्रखंड प्रमुख से गुहार, निष्पक्ष जांच की मांग
​प्रखंड प्रशासन के रवैये से तंग आकर पीड़ित लाभुकों ने पांकी के प्रखंड प्रमुख से मुलाकात कर मामले की लिखित शिकायत की है। लाभुकों ने मांग की है कि:
​फर्जी तरीके से आवास का लाभ लेने वाले और इसमें शामिल दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
​वास्तविक लाभुकों को तुरंत योजना का लाभ और बकाया किस्तें उपलब्ध कराई जाएं।
​लाभुकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।