जितिया व्रत 3 अक्टूबर को, संतान की दीर्घायु के लिए माताएं रखेंगी निर्जला उपवास

ममता, त्याग और संतान की दीर्घायु की कामना से जुड़ा पावन जितिया यानी जीवित्पुत्रिका व्रत इस वर्ष 3 अक्टूबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा। संतान के सुख, अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि और लंबी आयु की कामना को लेकर माताएं इस दिन निर्जला उपवास रखेंगी और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी।
जितिया पर्व तीन दिनों तक चलने वाला महत्वपूर्ण पर्व है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को नहाय-खाय के साथ होगी। इस दिन व्रती महिलाएं स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करेंगी और अगले दिन होने वाले व्रत की तैयारी करेंगी। इसके बाद 3 अक्टूबर, शनिवार को मुख्य जितिया व्रत रखा जाएगा। इस दिन माताएं अपनी संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए निर्जला उपवास करेंगी।
व्रत के अगले दिन 4 अक्टूबर 2026, रविवार को विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद व्रती महिलाएं पारण करेंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जितिया व्रत माताओं के त्याग, ममता और संतान के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। पर्व को लेकर घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं और महिलाएं पूजा-पाठ एवं व्रत से जुड़ी सामग्री की तैयारी में जुट गई हैं।