पर्यावरण-अनुकूल गणेश आराधना का संदेश, सुचंद्रा X वानिया ने घर में स्थापित की ईको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा
पर्यावरण-अनुकूल गणेश आराधना का संदेश दिया सुचंद्रा X वानिया ने
कोलकाता: प्रकृति की रक्षा करते हुए उत्सव मनाने का संदेश दिया अभिनेत्री, युवा निर्देशक, निर्माता, समाजसेवी तथा जागरूकता और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित प्रेरणादायी फिल्मकार सुचंद्रा X वानिया ने। अपने घर में पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा की स्थापना करते हुए उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की मूल शिक्षा प्रकृति, जीव-जगत और मानवता के बीच सुंदर संतुलन बनाए रखना है।
पिछले सात वर्षों से सुचंद्रा अपने घर में श्रद्धा और निष्ठा के साथ गणेशजी की आराधना करती आ रही हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बाप्पा दस दिनों तक उनके घर में विराजमान रहेंगे। उनके लिए यह उत्सव केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का एक महत्वपूर्ण संदेश है।
सुचंद्रा X वानिया ने कहा, “गणेशजी विघ्नहर्ता और शुभारंभ के प्रतीक हैं। इसलिए उनकी आराधना करते समय प्रकृति अथवा किसी भी जीव को हानि नहीं पहुँचनी चाहिए। मिट्टी और प्राकृतिक सामग्रियों से निर्मित पर्यावरण-अनुकूल गणेश प्रतिमा चुनने से हमारी भक्ति भी बनी रहती है और नदियाँ, जलाशय तथा पर्यावरण भी सुरक्षित रहते हैं। प्रकृति की रक्षा करना मेरे लिए सेवा और सनातनी कर्तव्य है।”
भगवान गणेश के विशाल स्वरूप और उनके छोटे-से मूषक वाहन में भी वह एक गहरा जीवन-दर्शन देखती हैं। उनके अनुसार, जहाँ विशाल स्वरूप नहीं पहुँच सकता, वहाँ छोटा-सा मूषक सरलता से प्रवेश कर सकता है। यह प्रतीक हमें सिखाता है कि इस संसार में कोई भी व्यक्ति छोटा या महत्वहीन नहीं है। प्रत्येक जीव और प्रत्येक मनुष्य की अपनी शक्ति, भूमिका और उपयोगिता होती है।
उन्होंने आगे कहा, “गणेशजी हमें शक्ति, धैर्य, बुद्धि, विवेक और हर विपरीत परिस्थिति में दृढ़ बने रहने की प्रेरणा देते हैं। माँ दुर्गा के आगमन से पहले वे हमारे जीवन और इस संसार के सभी विघ्नों को दूर करके शुभ शक्तियों का मार्ग प्रशस्त करें। उत्सव की खुशी तभी पूर्ण होती है, जब भक्ति के साथ मानवता और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी जुड़ी हो।”
एक अभिनेत्री, युवा निर्देशक, निर्माता, समाजसेवी और प्रेरणादायी फिल्मकार के रूप में सुचंद्रा X वानिया लंबे समय से अपनी कला और फिल्मों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता, जनहित से जुड़े मुद्दों, मानवीय संवेदनाओं और सनातन दर्शन के सकारात्मक मूल्यों को सामने लाती रही हैं। उनका मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को प्रेरित करने और सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है।
पर्यावरण-अनुकूल गणेश आराधना के माध्यम से उनका संदेश है—
“भक्ति निर्मल हो, उत्सव जागरूक हो और बाप्पा के आशीर्वाद से हमारी पृथ्वी अधिक सुंदर, स्वच्छ एवं सुरक्षित बने।”
गणपति बाप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया!
— सुचंद्रा X वानिया

