चंदन साव हत्याकांड में न्याय की मांग, हजारों ग्रामीणों ने घेरा तरहसी थाना; आसपा ने रखीं 4 मांगें
चंदन साव हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के नेताओं ने हजारों ग्रामीणों साथ घेरा तरहसी थाना, आसपा ने रखी 4 मांग
तरहसी/पलामू, 13 सितंबर 2026। तरहसी थाना क्षेत्र के भालोगाड़ी निवासी चंदन साव की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर रविवार को आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी के नेतृत्व में जनआंदोलन किया गया। अंबेडकर चौक बेदानी, तरहसी से सुभाष चौक तक पैदल मार्च निकालने के बाद हजारों ग्रामीणों ने तरहसी थाना का घेराव किया।
आंदोलन की संयुक्त अध्यक्षता आसपा कार्यकर्ता पप्पू कुमार, प्रीतम कुमार एवं मृतक के भाई सितोष कुमार ने की। मौके पर आसपा प्रदेश संगठन सचिव नागमणि रजक, जिला अध्यक्ष चंदू राम, युवा जिला अध्यक्ष अबूदर्दा खान, वरीय उपाध्यक्ष सुहैल अंसारी, जिला संगठन सचिव प्रमोद कुमार रवि एवं आईटी सेल पांकी अध्यक्ष रौशन कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, पीड़ित परिवार और ग्रामीण मौजूद रहे।
आसपा प्रदेश संगठन सचिव नागमणि रजक ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर प्रशासन से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को पीड़ित परिवार को बताया गया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाहरी और आंतरिक अंगों में किसी प्रकार की चोट नहीं मिली है। ऐसे में सवाल है कि चंदन साव की मौत कैसे हुई और उनका शव कुएं में कैसे पहुंचा? उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी रैली के दौरान चंदन साव के साथ मारपीट किए जाने की बात स्थानीय गवाहों द्वारा कही जा रही है, इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
नागमणि रजक ने कहा कि पांच लोगों की गिरफ्तारी के बावजूद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा, “थाना अपने आप में कोर्ट नहीं है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए और न्यायिक प्रक्रिया कोर्ट में हो।”
आंदोलन के बाद आसपा एवं पीड़ित परिवार का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल थाना प्रभारी से मिला। जिला अध्यक्ष चंदू राम के अनुसार, थाना प्रभारी ने अगले 24 घंटे में आवश्यक कार्रवाई और अभियुक्तों को जेल भेजने का आश्वासन दिया है।
आसपा ने चार प्रमुख मांगें रखीं—दोषियों को 24 घंटे में जेल भेजना, परिवार को ₹50 लाख मुआवजा एवं एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार के एक सक्षम सदस्य को हथियार लाइसेंस तथा पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन।
आसपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


