सुगरी गांव में पुल बना, सड़क आज भी कच्ची! ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सुगरी गांव में पुल तो बन गया, सड़क आज भी कच्ची, ग्रामीणों में आक्रोश
नौडीहा बाजार/पप्पू यादव
नौडीहा बाजार (पलामू):* पलामू जिले में विकास के तमाम दावे किए जा रहे हैं, लेकिन छतरपुर प्रखंड के सुंगरी गांव में विकास की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहाँ सरकारी लापरवाही और भेदभाव का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। गांव के मार्ग पर विभाग द्वारा एक पुल का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन अत्यंत खेद का विषय है कि उस पुल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क आज तक नहीं बनाई गई है। सड़क आज भी पूरी तरह कच्ची, जर्जर और दयनीय स्थिति में पड़ी है।
ग्रामीणों ने आवेदन देकर इस गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। ग्रामीणों का कहना है कि पलामू जिले के लगभग सभी गांवों की मुख्य सड़कों का निर्माण सरकारी योजनाओं के तहत पूरा किया जा चुका है, परंतु सुंगरी गांव आज भी इस बुनियादी विकास से वंचित है।
जर्जर सड़क से ग्रामीणों को हो रही भारी परेशानी
सड़क खराब होने के कारण ग्रामीणों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- बरसात में कीचड़ और गड्ढे: बारिश के दिनों में यह सड़क पूरी तरह दलदल और गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता है।
- आपातकाल में एंबुलेंस तक नहीं पहुंचती: सड़क की जर्जर स्थिति के कारण गांव में कोई एंबुलेंस या चार पहिया वाहन नहीं आ पाता, जिससे मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना जानलेवा साबित हो रहा है।
- स्कूली बच्चों को रोजाना खतरा: उच्च शिक्षा और आस-पास के स्कूलों में जाने वाले गांव के छोटे बच्चों को रोजाना इसी कीचड़ और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे आए दिन दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पुल बन चुका है तो सड़क को इस तरह अधूरा छोड़ देना सीधे तौर पर विभागीय लापरवाही और सुंगरी गांव के ग्रामीणों के साथ भेदभाव को दर्शाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित और सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या की अविलंब भौतिक जांच (Physical Verification) कराई जाए और सुंगरी गांव की इस मुख्य सड़क को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (MMGSY) या अन्य किसी जिला स्तरीय योजना में शामिल कर जल्द से जल्द इसके पक्कीकरण (कालीकरण/PCC) की स्वीकृति प्रदान की जाए।

