कारगिल शहीद प्रबोध महतो की वीरगाथा को मिला सम्मान, प्रतिमा अनावरण के साथ ‘कर्म ही धर्म’ का विमोचन
पैतृक गांव तुकबेरा में कारगिल शहीद की प्रतिमा का अनावरण एवं ‘कर्म ही धर्म’ पुस्तक का हुआ विमोचन।
कारगिल युद्ध के वीर अमर शहीद हवलदार प्रबोध महतो के बलिदान दिवस के अवसर पर उनके पैतृक गांव तुकबेरा में उनकी प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। इस अवसर पर पूरा गांव देशभक्ति एवं श्रद्धा के सरोवर में डुब गया। ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों, गणमान्य नागरिकों एवं शहीद परिवार के सदस्यों ने वीर सपूत को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित किया।
प्रतिमा का अनावरण समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल संजय अखौरी, विशिष्ट अतिथि पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला एवं शहीद की वीरांगना श्रीमती पुष्पम देवी के कर-कमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन खुशी शुक्ला ने किया। प्रतिमा अनावरण के बाद 2 मिनट का मौन रखकर शहीद हवलदार प्रबोध महतो के अदम्य साहस, वीरता एवं मातृभूमि के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। कार्यक्रम स्थल पंचायत सचिवालय, तुकबेरा परिसर में इस अवसर पर विरांगना श्रीमती पुष्पम देवी, उनके बच्चे एवं श्रीमती संजू शुक्ला द्वारा पौधा रोपण कर भी अमर शहीद को नमन किया गया।
विरांगना श्रीमती पुष्पम देवी के भाई श्री सुमन कुमार पाल जी द्वारा रचित अमर शहीद हवलदार प्रबोध महतो के जीवन, संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण पर आधारित पुस्तक “कर्म ही धर्म” पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक के माध्यम से शहीद के जीवन और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया है।
मुख्य अतिथि कर्नल संजय अखौरी ने कहा कि शहीद प्रबोध महतो जैसे वीर जवान देश की अमूल्य धरोहर हैं। उनका बलिदान राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि शहीदों की प्रतिमा और उनके जीवन पर आधारित पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति एवं राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
विशिष्ट अतिथि पूर्व सैनिक बृजेश कुमार शुक्ला ने कहा कि शहीद प्रबोध महतो ने राष्ट्र धर्म का निर्वहन करते हुए अपने कर्म को ही धर्म मानकर मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरगाथा केवल तुकबेरा की नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि “कर्म ही धर्म” पुस्तक शहीद के आदर्शों और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
शहीद की वीरांगना श्रीमती पुष्पम देवी ने भावुक होकर अपने वीर पति के बलिदान को याद किया। उपस्थित लोगों ने वीरांगना एवं शहीद परिवार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों का सम्मान करना पूरे समाज का दायित्व है।
समारोह के दौरान देशभक्ति के नारों और श्रद्धांजलि के बीच वातावरण भावुक एवं गौरवपूर्ण बना रहा। उपस्थित लोगों ने शहीद हवलदार प्रबोध महतो की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई। आयोजनकर्ता ग्रामीण जनता एवं कारगिल शहीद समिति, तुकबेरा के सभी पदाधिकारीयों एवं कार्यकर्ताओं को बहुत-बहुत साधुवाद।

