धुरकी के शिवरी गांव में 77वां वन महोत्सव आयोजित, विधायक अनंत प्रताप देव ने किया पौधारोपण
धुरकी के शिवरी गांव में 77वां वन महोत्सव आयोजित, विधायक अनंत प्रताप देव ने किया पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील
धुरकी। धुरकी प्रखंड क्षेत्र के शिवरी गांव में सोमवार को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के तत्वावधान में 77वां वन महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक अनंत प्रताप देव शामिल हुए। इस दौरान विधायक ने पौधारोपण कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि वन मानव जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। पेड़-पौधों के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि पौधारोपण को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल भी सुनिश्चित करें।
मौके पर वन प्रमंडल उत्तरी पदाधिकारी अंशुभान सिंह ने कहा कि वन महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और वन क्षेत्र को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि पेड़ वर्षा, जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं वन प्रमंडल दक्षिण पदाधिकारी इबी इब्राहिम ने कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा एवं संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण किया। वन विभाग के उत्तरी रेंजर प्रमोद कुमार ने ग्रामीणों को पौधों की उपयोगिता एवं उनके संरक्षण के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मियों के अलावा वनपाल प्रमोद कुमार यादव, दारौण कुमार, झामुमो विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण प्रसाद यादव, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष इसराइल खान, धीरेंद्र यादव, शैलेश यादव, कृष्णा सिंह समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे।


