मातृशक्ति के सशक्तिकरण से बढ़ेगा राष्ट्र का वैभव : नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’

गढ़वा जिले के रमना प्रखंड मुख्यालय स्थित श्रीमानस मंदिर प्रांगण में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित श्रीगुरु दक्षिणा कार्यक्रम श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य बौद्धिककर्ता के रूप में संस्कार भारती, झारखंड प्रांत के प्रांतीय कला धरोहर संयोजक नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने गुरु परंपरा, मातृशक्ति के सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा की भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति की प्रथम गुरु उसकी माँ होती है, इसलिए राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए मातृशक्ति का शिक्षित, संस्कारित और सशक्त होना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु वंदन का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी व्यक्तित्वों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। नीरज श्रीधर ‘स्वर्गीय’ ने परम पवित्र भगवा ध्वज को सर्वोच्च गुरु बताते हुए भारत माता को परम वैभवशाली बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने दैनंदिनी शाखा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि शाखा के माध्यम से नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संस्कारों का विकास होता है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं उसकी विभिन्न अनुषांगिक इकाइयों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भारत माता की प्रार्थना एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।