गढ़वा में पांच दिवसीय विभाग स्तरीय घोष प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, सेना और रेलवे में घोष वादकों के लिए हैं सुनहरे अवसर : अखिलेश कुमार

गढ़वा में पांच दिवसीय विभाग स्तरीय घोष प्रशिक्षण वर्ग संपन्न, सेना और रेलवे में घोष वादकों के लिए हैं सुनहरे अवसर : अखिलेश कुमार

गढ़वा। सरस्वती विद्या मंदिर, गढ़वा में आयोजित पांच दिवसीय विभाग स्तरीय घोष प्रशिक्षण वर्ग का समापन गुरुवार को गरिमापूर्ण समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों ने मां सरस्वती, भारत माता एवं ‘ॐ’ के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं वंदना के साथ किया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि कार्यक्रम का संचालन शशि कुमार ने किया। मुख्य अतिथि एवं विभाग निरीक्षक अखिलेश कुमार ने कहा कि घोष का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और पौराणिक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारतीय सेना और रेलवे में भी घोष वादकों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, एकाग्रता और नियमित अभ्यास के साथ इस कला में दक्षता हासिल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर-पूर्व क्षेत्र के घोष एवं शारीरिक प्रमुख राजेश प्रसाद ने कहा कि अनुशासन ही घोष वादन की आत्मा है। उन्होंने जानकारी दी कि विद्या भारती के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नवंबर 2027 में दिल्ली में विशाल ‘शंखनाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें इस प्रशिक्षण वर्ग के प्रतिभागी भी शामिल होंगे। प्रशिक्षण शिविर में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में तारकेश्वर राव (सरस्वती विद्या मंदिर, हजारीबाग), आदित्य प्रकाश जालान तथा रामाशंकर दुबे (सरस्वती विद्या मंदिर, कुदलूम, रांची) ने प्रतिभागियों को घोष वादन की बारीकियां सिखाईं। समापन समारोह में विद्यालय के सचिव चंदन कुमार, प्रधानाचार्य रविकांत पाठक, आचार्यगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।