अवैध खनन पर सख्त हुए उपायुक्त, Zero Tolerance नीति के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश

अवैध खनन पर सख्त हुए उपायुक्त, Zero Tolerance नीति के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश

गिरिडीह, 27 जुलाई 2026। जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी अंकित कुमार, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, आईएएस प्रशिक्षु यश कुमार, सभी एसडीओ, एसडीपीओ, अंचलाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण के खिलाफ Zero Tolerance की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, वैधानिक खनन और सरकारी राजस्व की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने खनन विभाग, पुलिस और वन विभाग को समन्वय स्थापित कर नियमित संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने, चेक पोस्ट और पिकेट पर वाहनों की सघन जांच करने तथा बिना वैध चालान, ओवरलोडिंग या अवैध रूप से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को तत्काल जब्त कर कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही रात्रिकालीन गश्त और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने सभी एसडीओ, एसडीपीओ और अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की नियमित जांच करने तथा दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल जिला स्तर पर उपलब्ध कराएं।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने जिला खनन टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभाग नियमित समीक्षा एवं कार्रवाई प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके और जिले में खनन गतिविधियां पूरी तरह पारदर्शी, वैधानिक एवं जवाबदेह व्यवस्था के तहत संचालित हों।