केंद्र सरकार पर बरसे छात्र मोर्चा नेता, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल ✅

झारखंड छात्र मोर्चा के गढ़वा जिला अध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कड़ा और तीखा प्रेस बयान जारी करते हुए दिल्ली के सिंहासन पर बैठी केंद्र सरकार की छात्र-विरोधी और दमनकारी नीतियों की धज्जियां उड़ाई हैं। निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि आज केंद्र सरकार का अहंकार सातवें आसमान पर है, जो न सिर्फ छात्रों या युवाओं के सुनहरे भविष्य को अंधकार की भट्टी में झोंक रही है, बल्कि हक की आवाज उठाने वाली आम जनता का भी विशुद्ध रूप से चौतरफा दमन कर रही है। उन्होंने देश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोगों को देश का शिक्षा मंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि वे अब तक के सबसे असफल शिक्षा मंत्री साबित हुए हैं। आज पूरे देश भर में लगातार परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, चाहे वह किसी भी राज्य की परीक्षा हो, राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी की हो या राज्यों की; चूंकि केंद्र में आपकी सरकार बैठी है, इसलिए देश के हर युवा और हर राज्य में होने वाली इस धांधली की सीधी जवाबदेही और जिम्मेदारी केंद्र सरकार की ही है।निशांत चतुर्वेदी ने आगे कहा कि आज देश के हालात ऐसे बदतर हो चुके हैं कि जब भी कोई पढ़ा-लिखा बेरोजगार नौजवान नौकरी मांगता है, परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक पर सवाल उठाता है, या देश का आम नागरिक महंगाई और अपनी बुनियादी सहूलियतों के लिए चीखता है, तो यह गूंगी-बहरी सरकार समाधान निकालने के बजाय पुलिस को आगे कर देती है। युवाओं के सीने पर लाठियां बरसाई जा रही हैं और उन्हें जेल की काल कोठरी में ठूंसने की सरेआम धमकियां दी जा रही हैं। सबसे शर्मनाक और घटिया तमाशा तो तब देखने को मिलता है जब अपनी नाकामियों और भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह सरकार शांतिपूर्ण आंदोलन करने वाले निर्दोष छात्रों और आम जनता को ‘देशद्रोही’,’ या ‘असामाजिक तत्व’ साबित करने का गंदा ढोंग रचने लगती है, जिसका झारखंड छात्र मोर्चा पूरी ताकत से खंडन और विरोध करता है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जो लोग वास्तव में उपद्रव करते हैं या असली देशद्रोह में लिप्त हैं, पुलिस प्रशासन उन्हें चिन्हित करके तुरंत दबोचे और उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। लेकिन असली अपराधियों को पकड़ने के बजाय, सरकार के इशारे पर हक मांग रहे निर्दोष और शांतिप्रिय छात्रों को निशाना बनाकर उन पर देश विरोधी होने का झूठा ठप्पा लगाना बंद होना चाहिए।उन्होंने केंद्र सरकार को सीधे ललकारते हुए कहा कि सत्ता की मलाई खाकर मदहोश हुए हुक्मरान यह बात अपने कान खोलकर सुन लें कि देशभक्ति किसी पार्टी की बपौती नहीं है। इस देश के हर एक गरीब, किसान और छात्र के दिल में ‘भारत माता’ धड़कती है और हर सच्चे हिंदुस्तानी का बस एक ही सपना है कि हमारा ‘भारत आगे बढ़े’ और पूरी दुनिया में चमके। हम इसी पवित्र मिट्टी के वफादार बेटे हैं, इसलिए अपनी रोजी-रोटी और हक की लड़ाई लड़ने वाले जांबाज युवाओं पर ‘देश विरोधी’ होने का झूठा ठप्पा लगाना सीधे तौर पर हमारी राष्ट्रभक्ति और भारत माता का घोर अपमान है, जिसे यह उबलता हुआ युवा खून अब कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। पुलिस के डंडे और फर्जी मुकदमों के दम पर क्रांति की इस आवाज को दबाया नहीं जा सकता। झारखंड छात्र मोर्चा गढ़वा जिला इकाई केंद्र सरकार को सख्त हिदायत देती है कि निर्दोषों का उत्पीड़न और डराने-धमकाने का यह तानाशाही खेल तुरंत बंद किया जाएl