मलई डैम नहर टूटने पर किसानों का बड़ा आंदोलन, 16 जुलाई को महापंचायत

किसान महापंचायत को लेकर गांवों में जोरदार प्रचार, 16 जुलाई को होगा बड़ा इज्तेमाह

पलामू जिला सतबरवा प्रखंड अंतर्गत मलई डैम की मुख्य नहर संख्या 18 के टूटने की समस्या को लेकर किसानों में गहरी नाराजगी है। इस मुद्दे पर 16 जुलाई (गुरुवार) को होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने के लिए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने लहलहे, पोलपोल, झाबर, कुनडेलवा, सरजा, बरेवा, बारी दुबा, पोखराहा, बारी खामडिह सहित दर्जनों गांवों का दौरा कर किसानों को शामिल होने का निमंत्रण दिया।
मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि डैम किसानों की जीवन रेखा है। उन्होंने कहा, “105 गांवों के किसान इस डैम पर निर्भर हैं। एक लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई इसी नहर प्रणाली से होती है। नहर संख्या 18 के टूटने से पूरा इलाका सूखे की चपेट में आ गया है।”
समस्या की जानकारी शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचाई
आशीष कुमार सिन्हा ने बताया कि नहर टूटने की सूचना उन्होंने तत्कालीन उपायुक्त महोदया को तुरंत दी थी। इसके अलावा स्थानीय विधायक, सांसद, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों, मुख्यमंत्री तथा विपक्ष के नेताओं को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
दौरा करने वालों में पूर्व मुखिया पति रवींद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, सुधीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, संजय राम, आशीष राम, पंकज शर्मा, इम्तेयाज मियां, छोटे खान सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
किसानों का आह्वान
किसान नेताओं ने सभी प्रभावित गांवों के किसानों से अपील की है कि 16 जुलाई को होने वाली महापंचायत में भारी संख्या में पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्दी नहर की मरम्मत और डैम की सुरक्षा नहीं की गई तो पूरा कृषि क्षेत्र तबाह हो जाएगा।
यह महापंचायत सतबहिनी डैम क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा के खिलाफ एक बड़ा संघर्ष का रूप लेने जा रही है।