पांकी के परसावां में फर्जी स्थल पर सरणा चारदीवारी निर्माण का मामला गरमाया, ग्रामीणों ने भुगतान पर जताई आपत्ति
पांकी के परसावां में फर्जी स्थल पर सरणा चारदीवारी निर्माण का मामला गरमाया, ग्रामीणों ने भुगतान पर जताई आपत्ति
पांकी प्रखंड अंतर्गत नौडीहा वन पंचायत के परसावां गांव में सरणा स्थल की चारदीवारी और सुंदरीकरण के कार्य में भारी अनियमितता का आरोप लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां निर्माण कार्य दिखाया जा रहा है, वह स्थल फर्जी है। इसके बावजूद विभागीय स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व नानी झारिया नामक डैम के नाला किनारे एवं स्मशान घाट के क्षेत्र में चारदीवारी का कार्य प्रारंभ किया गया था, उक्त स्थल सरणा स्थल नहीं है और ना ही सरकारी दस्तावेज में अंकित है बावजूद निर्माण कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों के द्वारा भारी विरोध किया गया था एवं यह मुद्दा कई समाचार पत्रों में सुर्खियों में था, ग्रामीणों के द्वारा इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक समेत पलामू उपायुक्त से भी शिकायत की गई थी।
विधानसभा में भी उठ चुका है मामल
इस विवादित मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। पांकी के विधायक कुशवाहा डॉ. शशि भूषण मेहता ने इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए पूर्व में राज्य विधानसभा के पटल पर इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने इस कथित फर्जी निर्माण और सरकारी राशि के दुरुपयोग की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान को कागजों में सरणा स्थल बताकर चारदीवारी और सौंदर्यीकरण के लिए सरकारी राशि आवंटित की गई है, वह वास्तव में उक्त स्थान पर है ही नहीं। ग्रामीणों के अनुसार
योजना के लिए चयनित स्थल फर्जी है, वहां कोई सरणा स्थल मौजूद नहीं है।
निर्माण कार्य धरातल पर मानकों के अनुरूप नहीं है, इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा बिल का भुगतान करने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल भुगतान रोकने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक द्वारा सदन में मामला उठाने के बावजूद अधिकारियों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आया है, जो विभागीय मिलीभगत की ओर इशारा करता है। फिलहाल, क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि बिना धरातलीय सत्यापन के भुगतान की प्रक्रिया इतनी तेजी से क्यों की जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान पर रोक नहीं लगाई गई और जांच नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल विवादित सरना स्थल की चारदीवारी जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, कई स्थानों में चार दिवारी में बड़ी दरारें आ गई है जो घटिया निर्माण की पोल खोल रही है।
इस संबंध में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने बताया कि भुगतान को लेकर जिला कार्यालय द्वारा उनसे जांच रिपोर्ट मांगा गया है, उन्होंने बताया की पूर्व में हुए विवाद मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

