उपायुक्त ने सेविका-सहायिका चयन में गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी दी

पारदर्शी सेविका-सहायिका चयन, पोषण ट्रैकर की शत-प्रतिशत प्रगति एवं कुपोषण उन्मूलन पर उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

मेदिनीनगर, पलामू | दिनांक 29 जून 2026

उपायुक्त, पलामू की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग की मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में किया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC), जिला समाज कल्याण पदाधिकारी (DSWO), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, पाटन, SAAMAR कार्यक्रम के क्षेत्रीय प्रबंधक तथा जिले की सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं (LS) उपस्थित रहीं।

बैठक के दौरान आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन प्रक्रिया, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY), पोषण ट्रैकर के विभिन्न मानकों की प्रगति, आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र, SAAMAR कार्यक्रम, पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC), महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं पदाधिकारियों के निरीक्षण, वन स्टॉप सेंटर तथा माननीय उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका का चयन पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुरूप ही किया जाए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, पक्षपात अथवा अवैध हस्तक्षेप किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति या पदाधिकारी गलत तरीके से चयन प्रक्रिया को प्रभावित करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने सभी परियोजनाओं को निर्देशित किया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को सरकार द्वारा निर्धारित सभी सेवाएं गुणवत्तापूर्वक प्राप्त हो सकें।

उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि किराये के भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों में सह-स्थापित (Co-location) किया जाए। जहां यह संभव न हो, वहां उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित कर स्थायी आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देशित किया कि पोषण ट्रैकर के सभी निर्धारित मानकों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाली पोषण एवं अन्य सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यकतानुसार पोषण पुनर्वास केंद्र (MTC) में रेफर किया जाए।

उन्होंने सभी पात्र SAM एवं MAM बच्चों का SAAMAR App में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए समय पर फॉलो-अप एवं डेटा अद्यतन करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में वन स्टॉप सेंटर, उच्च न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों एवं विभागीय निरीक्षणों की भी बिंदुवार समीक्षा की गई तथा सभी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के प्रभावी संचालन, आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, कुपोषण मुक्त पलामू के लक्ष्य की प्राप्ति तथा सभी पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना रहा।