ग्रामीणों की शिकायत पर हरकत में प्रशासन, उपायुक्त ने तालाब निर्माण स्थल का किया निरीक्षण

गिरिडीह। देवरी प्रखंड के लवानियां मौजा में स्वीकृत तालाब निर्माण योजना को लेकर मिली ग्रामीणों की आपत्तियों और शिकायतों की जांच के लिए उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने खेतों का गहन अवलोकन कर किसानों और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं व आशंकाओं को गंभीरता से सुना।
ग्रामीणों ने चिंता जताई कि प्रस्तावित तालाब में पानी भरने पर आसपास के कृषि क्षेत्रों में जलभराव होने से फसलें प्रभावित हो सकती हैं। इस पर उपायुक्त ने स्वयं उन खेतों का निरीक्षण किया जिनमें फसल डूबने की आशंका व्यक्त की गई थी और उपस्थित अधिकारियों को कहा कि किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए योजना के तकनीकी पहलुओं का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ तालाब निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की। योजना की उपयोगिता, तकनीकी व्यवहार्यता, जल संचयन क्षमता और किसानों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर मंथन किया गया। समीक्षा के बाद उपायुक्त ने कहा कि यह योजना क्षेत्र में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण है और बरसात से पहले इसे पूर्ण कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तालाब की गहराई व संरचना ऐसी रखी जाए कि किसी भी किसान की फसल को नुकसान न पहुंचे।
उपायुक्त ने जल स्रोतों की उपलब्धता, जल निकासी व्यवस्था तथा लिफ्ट इरिगेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को लाभ पहुंचाना है, इसलिए किसी भी योजना के क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं और जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त की सादगी ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। उन्होंने एक बरगद के नीचे बैठकर जमीन पर किसानों व ग्रामीणों की शिकायतों और सुझावों को विस्तार से सुना। अधिकारियों को उन्होंने निर्देशित किया कि तालाब निर्माण में आ रही बाधाओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए और किसानों की सभी जायज चिंताओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बाद में उपायुक्त ने जमुआ प्रखंड के पालमो स्थित तालाब का भी निरीक्षण कर वहां के ग्रामीणों से संवाद किया और निर्माण से जुड़ी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आश्वासन दिया कि तकनीकी अथवा स्थानीय समस्याओं का शीघ्र समाधान कर योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों व ग्रामीणों तक पहुँचाया जाएगा।
जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के महत्व पर ज़ोर देते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी खोरीमहुआ, कार्यपालक अभियंता (लघु सिंचाई विभाग), अंचलाधिकारी जमुआ, प्रखंड विकास पदाधिकारी देवरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे