पालामू के सतबरवा में नल-जल योजना ठप, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा स्वच्छ पेयजल
पलामू (झारखंड) | सतबरवा प्रखंड के भावाडीह ग्राम पंचायत में नल-जल योजना (जल जीवन मिशन) की हालत बेहद खराब है। योजना के तहत किए गए अधिकांश कार्य अधूरे पड़े हैं और मौजूदा ढांचे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों को नियमित स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है।
भावाडीह पंचायत की मुखिया श्रीमती रिकी देवी ने उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, पलामू को लिखे पत्र में गंभीर समस्याओं का जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि उनके पंचायत क्षेत्र के 4 गांवों — भावाडीह, करमा, नीरगा और लोहरा पोखरी — में नल-जल योजना की स्थिति चिंताजनक है।
मुखिया ने पत्र में बताई मुख्य समस्याएं:
भावाडीह में मात्र 4 से 5 बोर हो पाए हैं।
करमा गांव में बोर व जलमीनार खड़ा होने के बावजूद आधा काम अधूरा पड़ा है।
लोहरा पोखरी में 4 जलमीनार पिछले दिनों आए आंधी-तूफान में क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
नीरगा गांव के कई इलाकों में पाइपलाइन और सोलर प्लेट खराब पड़ी हैं।
परिणामस्वरूप ग्रामीणों को नियमित व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
मुखिया रिकी देवी ने जिला प्रशासन से तुरंत संबधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर पूरी योजना का निरीक्षण कराने और सभी खामियों को शीघ्र दूर करने का अनुरोध किया है।
“योजना का मुख्य उद्देश्य हर घर को स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। मैं शीघ्र हस्तक्षेप की अपील करती हूं” — मुखिया रिकी देवी।
यह मामला जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना की ग्रामीण स्तर पर खराब क्रियान्वयन को उजागर करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
जिला प्रशासन की ओर से इस पत्र पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

