पेपर लीक पर कांग्रेस का हमला, अभिजीत कमल बोले— शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा

मोदी सरकार की नाकामी और पेपर लीक माफियाओं की वजह से दांव पर है देश के युवाओं का भविष्य, शिक्षा मंत्री तुरंत दें इस्तीफा” — अभिजीत कमल

​गढ़वा:–देश भर में NEET, CUET, CBSE तथा अन्य प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लगातार लीक होने और देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह गढ़वा कांग्रेस के उपाध्यक्ष अभिजीत कमल ने केंद्र की मोदी सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है।
​प्रेस को जारी एक बयान में अभिजीत कमल ने कहा कि परीक्षाओं में हो रही निरंतर धांधली ने देश के होनहार युवाओं, छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरे मानसिक अवसाद में धकेल दिया है। दिन-रात मेहनत कर देश के निर्माण का सपना देखने वाले छात्र-छात्राओं का भविष्य आज अंधकार में है। व्यवस्था की इस घोर विफलता और पेपर लीक की घटनाओं से तंग आकर कई मासूम छात्रों ने अपनी जान तक दे दी है, जो कि बेहद हृदयविदारक है। इस जघन्य अपराध की जवाबदेही आज तक तय नहीं हो पाई है, जो वर्तमान सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
​अभिजीत कमल ने सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री को अपने पद से तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे छात्र-विरोधी अपराध में संलिप्त प्रशासनिक पदाधिकारियों और शिक्षा माफियाओं के संगठित तंत्र का पूरी तरह उद्भेदन किया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
​उन्होंने हाल ही में शिक्षा भवन में लगी आग की घटना पर भी गंभीर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी देशव्यापी घोटालों की निष्पक्ष जांच की बात आती है, तो सबूतों को मिटाने के लिए सरकारी कार्यालयों में आग लग जाती है। यह महज़ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि गहरी साजिश का हिस्सा लगता है।
​अभिजीत कमल ने आरोप लगाया कि वर्तमान मोदी सरकार और शिक्षा मंत्रालय युवाओं को रोजगार और नौकरी देने की अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकते हैं। आज यह सरकार छात्र-छात्राओं के भविष्य की घोर दुश्मन बन चुकी है। कांग्रेस पार्टी देश के युवाओं के साथ खड़ी है और जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक सड़क से लेकर सदन तक इस तानाशाही और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।