झारखंड राज्य किसान सभा जिला कमेटी द्वारा “भ्रष्टाचार के खिलाफ” प्रखंड मुख्यालय में एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों ने विरोध में जमकर किये नारेबाजी

सिस‌ई (गुमला)। झारखंड राज्य किसान सभा के जिला कमेटी द्वारा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। धरना-प्रदर्शन से पूर्व किसान मोर्चा के द्वारा एक रैली निकाली गई। जिसकी शुरुआत थाना चौक सरना स्थल से हुई। यह रैली मेन रोड होते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचा और वहां धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी किये। बीडीओ,सीओ की मनमानी नहीं चलेगी, जो अधिकारी काम करेंगे वहीं रहेंगे।
जैसे नारे लगाए जा रहे थे।
सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। किसानों को समय पर धान बीज व खाद यूरिया नहीं मिलता है, जिसके कारण किसान समय पर अपनी खेती नहीं कर पाते हैं। और उन्हें विवश होकर रोजी रोटी की तलाश में अन्यत्र राज्यों में पलायन करना पड़ता है। वहीं सड़क, बिजली एवं पानी की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। इन सभी ज्वलंत समस्याओं का समाधान प्रशासन से जल्द ही करने की मांग की है।

राज्य किसान सभा प्रदेश कमेटी सदस्य मधुवा कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार निरंकुश हो गए हैं जिसके कारण आज हमें इतनी बारिश में भी सड़क पर आना पड़ा। मानसून पहुंचने वाली है और खाद, बीज, यूरिया, डीएपी पर सरकार का कोई ध्यान नहीं है, सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देना चाहिए, किसानों का कर्ज माफ करना चाहिए। वहीं जंगली हाथियों ने क्षेत्र में लगातार आतंक मचा रखा है हाथियों के आतंक से कई गरीब किसानों का घर ध्वस्त हो चुका है और ना जाने कितने फसल नष्ट हो गए हैं, हाथियों के हमले से कई लोग मारे जा चुके हैं।
उन्होंने प्रशासन के सामने हाथियों के द्वारा मारे गए व्यक्तियों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने, जमीन ऑनलाइन करने,अवैध रूप से कब्जा वाले जमीन पर रैयतों को दखल दिलाने सहित पंचायत स्तर पर संचालित हो रहे विभिन्न योजनाओं में ग्रामीण जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि झारखंड राज्य किसान सभा के द्वारा किसानों के हक और अधिकार के लिए हमलोग लड़ते रहेंगे और तब तक लड़ेंगे जब तक प्रखंड सह अंचल कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार समाप्त ना हो जाए।

इस मौके पर आयता उरांव, अनिल उरांव, पुनम उरांव, रवि उरांव, लखवा उरांव, अवतार किंडो, बिरशमुनी उरांव, करमिला उरांव, सुमन उरांव सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण किसान उपस्थित थे।