गुमला के 19वें डीटीओ बने सत्येंद्र महतो, बोले – परिवहन कार्यालय होगा जन-सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त
सड़क सुरक्षा, सख्त जांच और जनजागरूकता अभियान को मिलेगी नई गति; हेलमेट पहनने की अपील
गुमला। गुमला जिले के परिवहन विभाग में नए प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत करते हुए सत्येंद्र महतो ने जिले के 19वें जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ ) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी प्राथमिकता परिवहन कार्यालय को आम जनता के लिए पूरी तरह जन-सुलभ, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना होगा।
नव-नियुक्त डीटीओ ने कहा कि परिवहन विभाग से जुड़े कार्यों में लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी तथा कार्यालय की कार्यप्रणाली को सरल और जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के लिए विभाग लगातार सक्रिय रहेगा।
पूर्व डीटीओ के कार्यों को मिलेगी निरंतरता
सत्येंद्र महतो ने अपने पूर्ववर्ती डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात सुधार को लेकर शुरू किए गए जनहितकारी कार्यों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान और सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि प्रमुख चौक-चौराहों पर लगाए गए पीए सिस्टम के माध्यम से यातायात जागरूकता संदेश लगातार प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही ओवरलोडिंग, नाबालिग ड्राइविंग और रात के समय भारी वाहनों की सघन जांच अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
डीटीओ ने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर उनमें सुधार के लिए सड़क सुरक्षा समिति की नियमित मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को न्यूनतम स्तर तक लाना और लोगों की जान बचाना है।
दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता देने पर जोर
नव-नियुक्त डीटीओ ने कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को राहत पहुंचाने की योजनाओं को भी पूरी संवेदनशीलता के साथ जारी रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि हिट एंड रन योजना के तहत अज्ञात वाहन की टक्कर से मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को ₹2 लाख तथा गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50 हजार की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।
इसके साथ ही गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) नीति के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को ₹2 हजार नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
“हेलमेट ही जीवन रक्षा का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच”
सड़क हादसों पर चिंता व्यक्त करते हुए डीटीओ सत्येंद्र महतो ने दोपहिया वाहन चालकों से हर हाल में हेलमेट पहनने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले में अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में बाइक सवारों की मौत सिर में गंभीर चोट लगने के कारण होती है।
उन्होंने कहा, “यदि चालक हेलमेट पहनकर वाहन चलाए, तो गंभीर दुर्घटना की स्थिति में भी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए सफर शुरू करने से पहले हेलमेट पहनना ही जीवन रक्षा का सबसे सरल और प्रभावी उपाय है।”
नव-नियुक्त डीटीओ के स्पष्ट संदेश और सकारात्मक कार्ययोजना से जिलेवासियों में यह उम्मीद जगी है कि गुमला में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और जनसेवा के क्षेत्र में नए और प्रभावी बदलाव देखने को मिलेंगे।

