पांकी में सार्वजनिक नाले पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

​पांकी, विकास और निजी स्वार्थ की आड़ में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और उन पर अवैध कब्जा करने का खेल बदस्तूर जारी है। ताज़ा मामला पांकी प्रखंड के कर्पूरी ठाकुर चौक के समीप का है, जहाँ एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक नाले पर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कर अतिक्रमण किया जा रहा है।
​ग्रामीणों के अनुसार, यह नाला नौडीहा के जंगलों से शुरू होकर मंगलपुर होते हुए एवं जरही चौक होते हुए बहती है जिसे लोग अंबा नदी भी कहते हैं प्रखंड के कर्पूरी ठाकुर चौक के समीप से बहते हुए पुरानी पांकी, चौराहा व बनखेता गांव के सैकड़ो एकड़ में खरीफ की फसलों को सिंचित करती है । यह केवल एक जल निकासी का जरिया नहीं है, बल्कि इससे होकर बहने वाला पानी सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि को सिंचित करता है। लेकिन अब इस नाले के अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगा है।
​कर्पूरी ठाकुर चौक के पास स्थित मोती होटल के आवास के समीप से गुजरने वाले इस नाले के एक बड़े हिस्से पर पहले ही अतिक्रमण किया जा चुका है। अब बचे हुए हिस्से पर भी पक्का निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। मौके पर निर्माण के लिए पिलर खड़े किए जा चुके हैं और भारी मात्रा में मिट्टी व निर्माण सामग्री नाले के आसपास और उसके भीतर गिराई जा रही है, जिससे पानी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह बाधित हो रहा है।
​इस अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा रोष है। ग्रामीणों द्वारा इस अतिक्रमण का कड़ा विरोध भी किया गया है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य को रोका नहीं गया है और काम लगातार जारी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर मामले पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और संबंधित प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए हैं। उनकी इस निष्क्रियता पर अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह सब उनकी मिलीभगत या शह पर हो रहा है?