स्मार्ट मीटर एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर के तबादले से उपभोक्ताओं में बढ़ा अविश्वास, गिरिडीह में स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार हुई धीमी!

गिरिडीह जिले में स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी के प्रोजेक्ट प्रतिनिधि श्री अभिषेक दुबे के अचानक तबादले के बाद उपभोक्ताओं के बीच असमंजस और अविश्वास का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि श्री दुबे कुछ दिनों की छुट्टी पर थे, इसी दौरान एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनका आनन-फानन में अन्य स्थान पर तबादला कर दिया गया।

इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जिस एजेंसी द्वारा स्मार्ट मीटर की स्थापना से लेकर अगले 10 वर्षों तक रखरखाव एवं मरम्मत की जिम्मेदारी लेने का दावा किया जा रहा था, उसी एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर का अचानक हटाया जाना परियोजना की स्थिरता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

भंडारीडीह निवासी सज्जन कुमार ने बताया कि पहले स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का समाधान तुरंत हो जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कर्मी समय पर समाधान नहीं कर रहे हैं और कई मामलों में उपभोक्ताओं के फोन तक रिसीव नहीं किए जा रहे। अन्य उपभोक्ताओं ने भी इसी प्रकार की समस्याएं बताते हुए कहा कि शिकायत निवारण व्यवस्था पहले की तुलना में कमजोर पड़ गई है।

गौरतलब है कि JBVNL द्वारा RDSS Phase-1 योजना के तहत पूरे गिरिडीह जिले में अक्टूबर 2026 तक लगभग 80,000 स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि अब तक केवल करीब 44,000 मीटर ही लगाए जा सके हैं।

ऐसे में यदि उपभोक्ताओं के बीच अविश्वास का माहौल बना रहा और स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार धीमी रही, तो JBVNL की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तय समय सीमा के भीतर पूरा होने पर संशय उत्पन्न हो सकता है।