गिरिडीह जीएसटी कार्यालय में सीबीआई का बड़ा छापा, दो अधिकारी गिरफ्तार

गिरिडीह। धनबाद से आई सीबीआई की टीम ने बुधवार को गिरिडीह के बजरंग चौक स्थित सेंट्रल जीएसटी कार्यालय में छापेमारी कर अधिकारियों के खिलाफ बड़े घूसखोरी के मामले में कार्रवाई की। टीम ने करोड़ों रुपये की कथित घूसखोरी के सिलसिले में जीएसटी विभाग के सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी और इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई से पूरे जीएसटी कार्यालय में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई बिरनी प्रखण्ड के खाखीपीपर निवासी राजू अंसारी की शिकायत पर की गई थी। अंसारी का आरोप है कि वर्ष 2023 में उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट के वेंडर अनीश कुमार सेठ और जीएसटी कार्यालय के दोनों अधिकारियों ने साजिश रची और उन पर 95 लाख रुपये का जीएसटी टैक्स जमा कराने का नोटिस भेजा। तीन बार नोटिस मिलने के बाद जब अंसारी असलियत जानने के लिए जीएसटी कार्यालय पहुंचे तो उन्हें धोखाधड़ी का शक हुआ। इसके बाद विभाग और सीए ने मामले को सेटल करने के नाम पर 90 हजार रुपये की घूस मांग की।
शिकायतकर्ता ने सीधे धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय पहुंचकर प्रकरण की जानकारी दी। सीबीआई के निर्देश पर घूस की रकम कम कराई गई और 65 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। योजना के अनुसार बुधवार को अंसारी 50 हजार रुपये लेकर गिरिडीह के सेंट्रल जीएसटी कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि अधिकारियों ने रकम सीधे हाथ में न लेकर किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से रुपये मंगवाए और उसे सुपरिटेंडेंट के घर भेज दिया। अंसारी ने पहले ही यह सूचना सीबीआई को दे दी थी।
सीबीआई की टीम ने नोटों पर विशेष केमिकल लगाया था और घूस की रकम स्वीकार किए जाने की पुष्टि होते ही कार्रवाई कर दी। सीबीआई इंस्पेक्टर रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में लगभग सुबह 11 बजे दबिश दी गई और बाद में करीब 13 घंटे तक अधिकारियों से सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दबाव बढ़ने पर सुपरिटेंडेंट सुंडी के घर से भी घूस की राशि मंगवाई गई। केमिकल टेस्ट में पुष्टि के बाद दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार सुपरिटेंडेंट बुद्धेश्वर सुंडी का जमशेदपुर में सेवानिवृत्ति से पहले फेयरवेल कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन सीबीआई की यह कार्रवाई ने पूरे विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सीबीआई ने पूछताछ जारी रखी है और मामले की तह तक जाने का दावा किया है।