पेट्रोल बेचने वाली परचून दुकानों में एसडीएम का छापा
पेट्रोल बेचने वाली परचून दुकानों में एसडीएम का छापा
पांच दुकानों में डलवाया गया ताला, एक दर्जन से अधिक के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई
अवैध स्रोतों से पेट्रोल खरीदने पर खरीदारों पर भी होगी कार्रवाई : एसडीएम
गढ़वा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने विभिन्न प्राप्त शिकायतों के आलोक में शनिवार को गढ़वा एवं मझिआंव क्षेत्र के कई परचून एवं जनरल स्टोर दुकानों में छापेमारी की। जांच के दौरान सात दुकानों में अवैध रूप से पेट्रोल का भंडारण तथा बोतलों में अधिक कीमत पर बिक्री किए जाने की प्रथम दृष्टया पुष्टि हुई।
इनमें से पांच दुकानों को मौके पर ही बंद करवा दिया गया, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। जांच के दौरान संबंधित दुकानदारों द्वारा जिन पेट्रोल पंप संचालकों के नाम बताए गए हैं, उनसे भी कारण-पृच्छा की जा रही है तथा उनकी भूमिका की जांच जारी है।
छापेमारी के दौरान जिन दुकानों पर कार्रवाई की गई, उनमें रामसागर राम, सुकृत मेहता, उमेश मेहता, सतीश कुमार पांडेय, राधाकृष्ण मेहता, सुभाष मेहता एवं प्रमोद प्रसाद केसरी सहित अन्य शामिल हैं।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि ऐसी दुकानों में पेट्रोल बेचना न केवल अवैध है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत खतरनाक है। पेट्रोल बेचने के लिए सिर्फ अनुज्ञप्ति धारक पेट्रोल पंप डीलर ही अधिकृत है। ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण एवं बिक्री सामान्य परचून, कपड़ा दुकान अथवा अन्य किसी भी प्रकार की दुकानों या घरों सें नहीं की जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अवैध स्रोतों से पेट्रोल खरीदने वाले वाहन चालक लोगों पर भी विधिसम्मत कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ऐसे मामलों को गंभीरता से ले रहा है तथा अवैध खरीद-बिक्री की पूरी श्रृंखला को चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे केवल अधिकृत पेट्रोल पंपों से ही ईंधन खरीदें तथा कहीं भी अवैध रूप से पेट्रोल बिक्री की सूचना प्रशासन को दें, ताकि संभावित दुर्घटनाओं एवं अग्निकांड की घटनाओं को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूर्व में ही उन्होंने अंचल अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को आदेश निर्गत किया था फिर भी ऐसी घटनाएं मिल रही हैं इस पर संबंधित अधिकारियों से भी कारण पृच्छा करते हुए कार्रवाई की जाएगी।




