नीट-यूजी पेपर लीक पर भड़का झारखंड छात्र मोर्चा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
नीट-यूजी पेपर लीक देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़, निकम्मे शिक्षा मंत्री और मोदी सरकार के भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा झारखंड छात्र मोर्चा: निशांत चतुर्वेदी
नीट परीक्षा कराने मे बार बार विफल हो रही मोदी सरकार को लेकर झारखंड छात्र मोर्चा (JCM) गढ़वा के जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने एक विस्तृत प्रेस बयान जारी कर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होने कहा की मोदी सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि देश में ‘पेपर लीक’ सबसे सुरक्षित और बारहमासी उद्योग है। छात्रों की ‘तपस्या’ पर आपके सिस्टम का ‘लीक तंत्र’ भारी पड़ गया। ‘परीक्षा पे चर्चा’ बहुत हुई, अब ज़रा ‘लीक पर जवाबदेही’ भी तय कर लीजिए। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कब तक? उन्होंने इस पूरी घटना को देश के शिक्षा इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह देश के करोड़ों गरीब, मध्यमवर्गीय और होनहार छात्रों के सपनों और उनकी साल भर की कठिन मेहनत की सरेआम हत्या है। परीक्षा रद्द होने के बाद भी छात्रो को फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्विचता का सामना करना पड़ेगा।
मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि हर मोर्चे पर विफल यह सरकार देश के नौजवानों को केवल छलावा दे रही है। ‘उज्ज्वल भविष्य’ का ढोल पीटने वाली मोदी सरकार आज पूरी तरह से लीक सरकार बन चुकी है, जहां युवाओं को रोजगार देना तो दूर, उनकी परीक्षाएं तक सुरक्षित ढंग से आयोजित नहीं कराई जा पा रही हैं। देश के निकम्मे शिक्षा मंत्री जिनके कार्यकाल मे बार बार प्रश्न-पत्र लीक हो रहा है वैसे धर्मेंद्र प्रधान जी को खुद नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए था । एक अक्षम शिक्षा मंत्री और संवेदनहीन सरकार के कारण आज देश का पूरा शिक्षा तंत्र माफियाओं के हाथों की कठपुतली बन चुका है। परीक्षा तंत्र के भीतर बैठे कुछ प्रभावशाली और भ्रष्ट लोगों ने चंद पैसों के लिए मेधावी छात्रों के भविष्य का खुला सौदा कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र जो सीमित संसाधनों के बावजूद दिन-रात एक कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, वे इस महाघोटाले के कारण गहरे मानसिक अवसाद और निराशा में चले गए हैं। यह केवल एक परीक्षा का लीक नहीं है, बल्कि देश की सर्वोच्च चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और शुचिता पर बहुत बड़ा तमाचा है। एनटीए जैसी जिम्मेदार संस्था अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए लगातार गोलमोल जवाब दे रही है, जिससे छात्रों का इस पूरी व्यवस्था से भरोसा उठ चुका है। झारखंड छात्र मोर्चा ये मांग करती है की निकम्मे, निर्लज्ज और गैर-जिम्मेदार शिक्षा मंत्री का तत्काल इस्तीफा लिया जाए। पूरे नीट परीक्षा घोटाले की माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की देखरेख में निष्पक्ष जांच हो। और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह साफ किया जाए और इसमें शामिल देशव्यापी शिक्षा माफियाओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।


