संत मरियम स्कूल के ‘विज्ञान संवाद’ कार्यक्रम में छात्रों को नवाचार, तर्क और विज्ञान की शक्ति का संदेश…
संत मरियम स्कूल के ‘विज्ञान संवाद’ कार्यक्रम में छात्रों को नवाचार, तर्क और विज्ञान की शक्ति का संदेश…
विज्ञान को जीवन में उतारें, हर समस्या का समाधान मिलेगा : युवा वैज्ञानिक गोपाल जी
पलामू। पलामू के कजरी स्थित संत मरियम स्कूल में आयोजित ‘विज्ञान संवाद : नवाचार से नई उड़ान’ कार्यक्रम में ‘बनाना बॉय’ से सुप्रसिद्ध हुए युवा वैज्ञानिक गोपाल जी ने छात्रों और अभिभावकों को विज्ञान की उपयोगिता, नवाचार और तार्किक सोच की शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल किताबों में पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यदि विज्ञान को समझकर व्यवहार में उतारा जाए, तो जीवन की जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।
अपने संबोधन में गोपाल जी ने कहा कि जब तक किसी घटना के पीछे का कारण और तर्क समझ में नहीं आता, वह जादू जैसी प्रतीत होती है, लेकिन जैसे ही उसका विश्लेषण सामने आता है, वही विज्ञान बन जाता है। उन्होंने जगदीश चंद्र बसु, आइज़ैक न्यूटन और अल्बर्ट आइंस्टीन के उदाहरण देते हुए छात्रों को जिज्ञासु, तर्कशील और खोजी दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जहां ‘क्यों’ और ‘कैसे’ का प्रश्न जन्म लेता है, वहीं से विज्ञान की यात्रा शुरू होती है।
गोपाल जी ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए बताया कि वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। पिता की केले की खेती में आए भारी नुकसान ने उन्हें समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। इसी सोच ने उन्हें केले के पौधों से बिजली उत्पादन और कई उपयोगी उत्पाद विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उनका बायोडिग्रेडेबल पॉलीबैग प्रदर्शन रहा, जो गर्म पानी में घुलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि उनका सपना प्लास्टिक मुक्त दुनिया का निर्माण करना है और इसी दिशा में उनकी कंपनी देश के चार प्रमुख शहरों में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशाला तक सीमित विषय नहीं, बल्कि समाज और जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम है। उन्होंने छात्रों से जिज्ञासु बने रहने, सवाल पूछने और नई खोजों की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच ही युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका तय करती है।
विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने कहा कि आज के दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी जिज्ञासा को नई दिशा देते हैं और उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा देते हैं।
मौके पर छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और आकर्षक बनाया। संचालन एकता वर्मा ने किया। मौके पर प्राचार्य कुमार आदर्श, उप प्राचार्य एस. बी. साहा, प्रवीण दुबे, आनंद सर, रौशन सर समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

