चतरा की संस्था ने रचा इतिहास—डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन को “आत्मनिर्भर स्वयंसेवी संस्था 2026” में देशभर में प्रथम स्थान
चतरा की संस्था ने रचा इतिहास—डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन को “आत्मनिर्भर स्वयंसेवी संस्था 2026” में देशभर में प्रथम स्थान
चतरा : चतरा जिले के लिए अत्यंत गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण तब आया, जब जिले की अग्रणी सामाजिक संस्था डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन को वर्ष 2026 के राष्ट्रीय सम्मान समारोह में “आत्मनिर्भर स्वयंसेवी संस्था 2026” श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। यह प्रतिष्ठित सम्मान बेंगलुरु स्थित वन एनजीओ ट्रस्ट द्वारा प्रदान किया गया, जो देश के विभिन्न राज्यों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सामाजिक संस्थाओं को पहचान देने और प्रोत्साहित करने के लिए जाना जाता है।
यह उपलब्धि न केवल संस्था के लिए, बल्कि पूरे चतरा जिले के लिए गर्व का विषय है। देश के विभिन्न हिस्सों से चयनित अनेक संस्थाओं के बीच डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का प्रथम स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि संस्था ने अपने समर्पण, पारदर्शिता और प्रभावी कार्यशैली से समाज में एक अलग पहचान बनाई है।
डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर सेवा कार्य कर रही है। संस्था का मुख्य फोकस शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण तथा ग्रामीण विकास पर रहा है। संस्था द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच बनाकर जरूरतमंद लोगों को सहायता, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में संस्था ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शैक्षणिक सामग्री, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है, जिससे अनेक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सका है। वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में जागरूकता अभियान, निःशुल्क चिकित्सा शिविर तथा पोषण से संबंधित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया गया है।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में संस्था द्वारा स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देकर महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास के तहत विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और आजीविका के साधनों को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया गया है।
इस सम्मान के अवसर पर संस्था के संस्थापक जितेन्द्र कुमार वर्मा ने कहा,
“यह सम्मान हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। यह हमारी टीम के अथक परिश्रम, समर्पण और समाज के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। हम आगे भी इसी ऊर्जा के साथ कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का प्रयास जारी रखेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि संस्था का उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति को समान अवसर प्राप्त हो और वह आत्मनिर्भर बन सके। सतत विकास तभी संभव है, जब समाज के हर वर्ग को शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के साधनों तक समान पहुंच मिले।
इस उपलब्धि को संस्था ने अपने सभी स्वयंसेवकों, सहयोगी संगठनों और समाज के लोगों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया है। संस्था ने अपने सभी समर्थकों और हितधारकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और विश्वास के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
उल्लेखनीय है कि डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का मुख्यालय चतरा जिले में ही स्थित है, जिससे इस उपलब्धि ने जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। यह सम्मान न केवल संस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
संस्था द्वारा भविष्य में भी नई योजनाओं और पहलों को लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता, जागरूकता और अवसर पहुंचाए जा सकें। डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का यह प्रयास एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

