पांकी में कल्याण विभाग की योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर, घटिया कार्य के बावजूद हो रहा भुगतान
पांकी में कल्याण विभाग की योजनाओं में भ्रष्टाचार चरम पर, घटिया कार्य के बावजूद हो रहा भुगतान
मानक के विपरीत कार्य होने के बावजूद भुगतान होने से विभागीय अधिकारियों के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
पांकी प्रखंड क्षेत्र में कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में घोर लापरवाही बरते जाने का मामला प्रकाश में आया है, रतनपुर पंचायत के सिधवन टोले में कल्याण विभाग द्वारा लगभग 25 लाख की लागत से सरणा सुंदरीकरण का कार्य प्रारंभ है, उक्त कार्य में घटिया सामग्रियों का धड़ल्ले से उपयोग किया गया है जिसका वीडियो फोटो ग्रामीणों ने पत्रकारों को साझा करते हुए कार्रवाई की मांग की है। वीडियो एवं तस्वीरों में साफ तौर से देखा जा सकता है कि pcc सड़क के निर्माण कार्य में किस तरह के सामग्री का उपयोग किया गया है, इतना ही नहीं घटिया निर्माण के बावजूद विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से आधे से अधिक राशि का भुगतान भी हो चुका है, वहीं माड़न पंचायत के नवागढ़ पचपेड़ी टोले में पूर्व में सरना स्थल होने के बावजूद फर्जी तरीके से नए सरणा स्थल चार दिवारी का कार्य रैयती जमीन पर किया गया है जबकि उक्त स्थल पर नाबार्ड से बागवानी का भी कार्य हो चुका है एवं जहां पूर्व में किसी तरह का सरणा का कोई अस्तित्व ही नहीं था, इस संबंध में आदिवासी समाज के स्थानीय ग्रामीणों के द्वारा विभाग को भुगतान से पूर्व फरवरी माह में लिखित आवेदन देकर भुगतान रोकने एवं फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने की मांग की गई थी
बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई उल्टा योजना का सारा भुगतान भी कर दिया गया।
आपको बता दें कि रतनपुर एवं माड़न पंचायत में कल्याण विभाग की अन्य योजनाओं में भी फर्जी चेक स्लिप बनाकर निजी भूमि पर योजनाओं का कार्य किया गया है यही नहीं योजनाएं पूर्ण भी नहीं है बावजूद पूर्ण भुगतान होना कई सवालों को खड़ा कर रहा है स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यदि मामले की सघनता से जांच की जाए तो कई चेहरे बेनकाब होंगे व इस फर्जीवाड़े पर अंकुश लग सकेगा।

