धार्मिक आस्था और ज्ञान का संगम: गिरिडीह पुस्तक मेले में उमड़ रही भीड़

धार्मिक आस्था और ज्ञान का संगम: गिरिडीह पुस्तक मेले में उमड़ रही भीड़

गिरिडीह:- झंडा मैदान स्थित विवाह भवन परिसर इन दिनों ज्ञान, आस्था और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना हुआ है। समय इंडिया ट्रस्ट, नई दिल्ली एवं सहयोगी संस्था पुस्तक मेला समिति (रजि.), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गिरिडीह पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी पहुंच रहे हैं।

मेले में धार्मिक पुस्तकों की ओर लोगों का विशेष रुझान देखने को मिल रहा है। गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित रामायण, महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता जैसी सस्ती एवं पठनीय पुस्तकें हर आयु वर्ग के पाठकों को आकर्षित कर रही हैं। इन पुस्तकों के प्रति लोगों की श्रद्धा और जुड़ाव मेले के वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना रहा है।

इस मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 31 हजार रुपये मूल्य की ‘श्री दुर्गासप्तशती’ बनी हुई है। लगभग 13 किलो वजनी यह भव्य पुस्तक अपने विशाल आकार, उत्कृष्ट छपाई और दुर्लभ चित्रों के कारण लोगों को मंत्रमुग्ध कर रही है। आयोजकों के अनुसार यह एक अनूठी कृति है, जिसे संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी में तैयार किया गया है। प्रसिद्ध लेखक डॉ. संदीप जोशी की यह रचना मेले में आने वाले हर दर्शक का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।

मेले में मनोज पब्लिकेशन और गोवो बुक्स के स्टॉल पर भी किफायती दरों पर धार्मिक पुस्तकों की भरमार है। आकर्षक डिज़ाइन और रंगीन चित्रों से सजी ये पुस्तकें पाठकों को न सिर्फ ज्ञान दे रही हैं, बल्कि उन्हें अपनी ओर खींच भी रही हैं।

9 अप्रैल से प्रारंभ यह चार दिवसीय पुस्तक मेला 12 अप्रैल तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहने वाला यह मेला विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का एक सशक्त मंच बन गया है।

रचनात्मकता को मिल रहा मंच

मेले के दौरान आयोजित चित्रकला, कविता-पाठ, कहानी लेखन और नृत्य प्रतियोगिताओं में बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने सामाजिक विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कहानी और कविता प्रतियोगिताओं में जहां विचारों की गहराई देखने को मिली, वहीं चित्रकला में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता को रंगों के माध्यम से जीवंत कर दिया।

आज सजा काव्य का मंच

पुस्तक मेले में आज शाम कवि-कवयित्री सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय कवि और साहित्यकार अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। यह आयोजन साहित्य प्रेमियों के लिए एक खास आकर्षण रहेगा।