गुमला में मजदूरी हड़पने का आरोप, वन रक्षक पर कार्रवाई की मांग; अलग-अलग घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

गुमला में मजदूरी हड़पने का आरोप, वन रक्षक पर कार्रवाई की मांग; अलग-अलग घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

गुमला – जिले में एक ओर जहां मजदूरों की मजदूरी भुगतान नहीं होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर एक महिला के बच्चों सहित लापता होने और महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम ने सामाजिक सरोकारों को भी उजागर किया है।
मजदूरी नहीं मिलने से मजदूरों में आक्रोश, वन रक्षक पर गंभीर आरोप
डुमरी थाना क्षेत्र के लोहड़ा चिरैयां गांव में सामाजिक वानिकी योजना के तहत कार्य करने वाले ग्रामीण मजदूरों की मजदूरी भुगतान नहीं होने का मामला सामने आया है। टाना भगत शिष्ट मंडल प्रतिनिधि कमिटी, झारखंड प्रदेश, रांची के प्रधान सचिव नारायण भगत ने जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी, गुमला को आवेदन देकर वन रक्षक मो. अकील अहमद पर मजदूरी रोकने का आरोप लगाया है।
बताया गया है कि वर्ष 2024-25 में पौधारोपण एवं पौधशाला घेराबंदी कार्य में ग्रामीणों ने श्रम किया, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिला। मजदूरों का आरोप है कि बार-बार मांग करने पर भी केवल आश्वासन दिया जा रहा है। नारायण भगत ने मामले की जांच कर दोषी पर कार्रवाई एवं मजदूरी भुगतान की मांग की है। इस संबंध में उपायुक्त गुमला को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।
दो बच्चों संग महिला लापता, पति ने पुलिस से लगाई गुहार
सदर थाना क्षेत्र के सरना टोली निवासी वीरेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी ममता देवी के दो बच्चों सहित लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को उनकी पत्नी बिना सूचना के घर से निकल गईं और तब से कोई पता नहीं चल सका है।
परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर पुलिस से मदद मांगी गई। पुलिस जांच में महिला की अंतिम लोकेशन रांची क्षेत्र में मिली है, जिसके आधार पर खोजबीन जारी है। पति ने आशंका जताई है कि उनकी पत्नी किसी अन्य व्यक्ति के साथ गई हो सकती है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।
महिला दिवस पर छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा, सशक्तिकरण का दिया संदेश
महिला महाविद्यालय, गुमला में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव शामिल हुईं।
कार्यक्रम में छात्राओं ने नृत्य, गीत, नाटक एवं जागरूकता प्रस्तुतियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और शिक्षा को सशक्त हथियार के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी।
समारोह के अंत में प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया तथा महिलाओं के अधिकारों एवं समाज में उनकी भूमिका को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
समग्र रूप से, जिले में एक ओर जहां प्रशासनिक लापरवाही के आरोप से मजदूरों में असंतोष है, वहीं सामाजिक और पारिवारिक घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।