गुमला में अवैध बालू खनन पर बड़ी कार्रवाई, हाईवा जब्त; 42 हजार घनफीट से अधिक बालू भंडारण का खुलासा

गुमला में अवैध बालू खनन पर बड़ी कार्रवाई, हाईवा जब्त; 42 हजार घनफीट से अधिक बालू भंडारण का खुलासा

गुमला – गुमला जिले में अवैध खनन, भंडारण और बालू परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी, अंचल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सिसई और बसिया थाना क्षेत्रों में छापामारी अभियान चलाया, जिसमें अवैध बालू परिवहन और हजारों घनफीट बालू के भंडारण का मामला सामने आया है।
सिसई में बालू लदा हाईवा जब्त
10 मार्च 2026 की सुबह करीब 6 बजे सिसई थाना क्षेत्र के गुमला–रांची रोड स्थित ओवरब्रिज महुआडीपा के पास छापामारी के दौरान बालू लदा टाटा कंपनी का 16 चक्का हाईवा (JH07N-3746) को जांच के लिए रोका गया। जांच दल को देखते ही चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। ऑनलाइन JIMMS पोर्टल पर जांच करने पर वाहन के पास कोई वैध चालान नहीं पाया गया। वाहन में करीब 1355 घनफीट बालू लदा मिला, जिसे अवैध परिवहन मानते हुए जब्त कर सिसई थाना परिसर में रखा गया है। वाहन मालिक और चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चट्टीटोली में 20 हजार घनफीट अवैध बालू भंडारण
इसी दिन सिसई थाना क्षेत्र के मौजा चट्टीटोली में जिला खनन पदाधिकारी और खान निरीक्षक की टीम ने छापामारी कर करीब 20,000 घनफीट बालू का अवैध भंडारण पकड़ा। जांच में पता चला कि कोयल नदी से अवैध उत्खनन कर दो अलग-अलग स्थानों पर बालू जमा किया गया था। भंडारण के लिए सुरक्षित वन क्षेत्र को काटकर रास्ता भी बनाया गया था।
स्थानीय जांच में तिजू उरांव, दशरथ गौरा, डेवठु लोहरा, पंचु पुजार और धर्मवीर उरांव (सभी निवासी चट्टीटोली) की संलिप्तता सामने आई है। मौके पर कोई खनन पट्टा या भंडारण अनुज्ञप्ति नहीं मिलने पर बालू को झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2004 के नियम 54A के तहत जब्त किया गया है। जब्त बालू का निपटारा उपायुक्त स्तर से नीलामी के माध्यम से किया जाएगा।
बसिया के टेंगरा में 22 हजार घनफीट बालू बरामद
11 मार्च 2026 को बसिया थाना क्षेत्र के मौजा टेंगरा में भी जिला खनन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी बसिया और पुलिस बल ने संयुक्त छापामारी की। इस दौरान कोयल नदी से अवैध रूप से उत्खनन कर करीब 22,000 घनफीट बालू का भंडारण पाया गया। हालांकि मौके पर किसी व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी। इस मामले में अज्ञात लोगों और संबंधित भूमि स्वामी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध पट्टा या अनुज्ञप्ति के खनिज का उत्खनन, भंडारण और परिवहन करना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957, झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली 2004 और झारखंड मिनरल्स (प्रिवेंशन ऑफ इल्लीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) रूल 2017 के तहत दंडनीय अपराध है।
प्रशासन ने कहा कि अवैध खनन से सरकारी राजस्व की क्षति होती है और राष्ट्रीय संपदा को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में अवैध खनन के खिलाफ लगातार छापामारी अभियान चलाया जाता