डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है मनिका स्वास्थ्य व्यवस्था, लोग हो रहे हैं परेशान

मनिका मे 1.19 लाख की आबादी में सिर्फ 3 डॉक्टर,

डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है मनिका स्वास्थ्य व्यवस्था, लोग हो रहे हैं परेशान।

मनिका- मनिका प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर संकट से गुजर रही है लगभग 1लाख 19 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी मात्र तीन चिकित्सको पर निर्भर है। इनमें एक दंत चिकित्सक शामिल है, जिससे सामान्य चिकित्सा सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। प्रखंड में स्वास्थ्य ढांचे के अंतर्गत 14 उप-स्वास्थ्य केंद्र एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। लेकिन जमीनी स्तर पर सीएचसी मनिका को छोड़ अधिकांश उप- स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों का इलाज के लिए दूरस्त स्वास्थ्य केंद्रों की ओर जाना पड़ रहा है। स्वीकृत पदों के अनुसार कई चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी नियुक्त होने चाहिए, वर्तमान में बड़ी संख्या में पद रिक्त है। एएनएम नर्स एवं अन्य कर्मचारियों की भी भारी कमी है। स्टाफ की कमी के कारण मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। वहीं गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या रांची रिम्स रेफर किया जा रहा है, इससे आम जनता पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ रहा है। डॉक्टरों की सीमित उपलब्धता के कारण ग्रामीण अब निजी क्लीनिकों पर निर्भर हो रहे हैं, जिसे इलाज का खर्च बढ़ रहा है। वही मनिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन भी जर्जर स्थिति में है। जो सुविधाओं की कमी की ओर उजागर करता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ० दिव्य क्षितिज कुजूर ने बताया कि चिकित्सको की कमी से कार्यभार काफी बढ़ गया है उन्हें ओ पी डी आपातकालीन सेवा और प्रशासनिक जिम्मेदारियां एक साथ निभानी पड़ रही है। उन्होंने कहा सीमित संसाधनों के बावजूद हमारा पूरा स्वास्थ्य दल पूरी निष्ठा के साथ मरीजों को सेवा में जुटा है। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि उपलब्ध व्यवस्था में भी लोगों को समय पर और बेहतर इलाज मिले। उम्मीद है कि जल्द ही विभागीय स्तर पर आवश्यक सुधार और नई नियुक्तियां होगी। जिससे मनिका की स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत बनेगी। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की मांग की है, ताकि मनिका क्षेत्र को अच्छे स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।