स्नेह स्मृति न्यास ने आयोजित की सम्मान समारोह सह काव्य संकलन का विमोचन
साहित्य अकादमी पुरस्कृत कवयित्री पार्वती तीर्की को किया सम्मानित

क्रांति श्रीवास्तव का काव्य संग्रह ‘मनन’ एवं स्व. राजकिशोर श्रीवास्तव द्वारा रचित एवं अनिल कुमार श्रीवास्तव द्वारा संग्रहित काव्य संकलन”का विमोचन किया गया
बोकारो।
स्नेह स्मृति न्यास के तत्वधान में शनिवार को बोकारो क्लब में झारखंड की सुविख्यात साहित्यकार एवं साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत कवयित्री पार्वती तिर्की को सम्मानित किया गया और दो काव्य संकलन का विमोचन किया गया। न्यास के द्वारा पार्वती तिर्की को सम्मान राशि, स्मृति चिन्ह, शॉल, प्रशस्ति पत्र तथा पौधा भेंट किया गया।कार्यक्रम में क्रांति श्रीवास्तव का काव्य संग्रह ‘मनन’ एवं स्व. राजकिशोर श्रीवास्तव द्वारा रचित एवं अनिल कुमार श्रीवास्तव द्वारा संग्रहित काव्य संकलन”का विमोचन भी गणमान्य अतिथियों द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रहलाद चंद्र दास ने कार्यक्रम की सफलता हेतु बधाई देते हुए कहा कि बेटियों का सम्मान ईश्वर के सम्मान से पहले होता है और स्मृह स्मृति न्यास के सदस्यों ने पार्वती तिर्की का चयन कर पूरी समाज के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
स्नेह स्मृति न्यास के सलाहकार महादेव टोप्पो ने पार्वती तिर्की को बधाई देते हुए कहा कि वे झारखंड की आदिवासी औरतों एवं आदिवासी संस्कृति को अपनी कविताओं में सजीव कर दिया है और उनके इन्हीं गुणों के कारण आज स्नेह स्मृति न्यास ने उनको सम्मानित करने का फैसला किया।
आनन्द किशोर ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। अनिल श्रीवास्तव ने स्नेह स्मृति न्यास के उद्देश्य को सभी के सामने प्रस्तुत किया तथा क्रांति श्रीवास्तव ने अपने माता-पिता की जीवन यात्रा का संक्षिप्त वृतांत देते हुए संपूर्ण कार्यक्रम को अपने मां और पिता को समर्पित किया। डाक्टर सुनिता सिंह एवं प्रतिमा के सफल संचालन में यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा। प्रहलाद चंद्र दास तथा महादेव टोप्पो का भी सम्मान शॉल, स्मृति चिन्ह, पुष्प गुच्छ देकर किया गया। कार्यक्रम में सुविख्यात मोहन वीणा वादक संजीव मजुमदार ने संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस कार्यक्रम के अध्यक्षता महादेव टोप्पो ने की।
कार्यक्रम के अंत में साकेत कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। ज्ञात हो कि
स्नेह स्मृति न्यास का गठन इसी ध्येय के साथ किया गया है कि जो लोग प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से समाज के कमजोर वर्ग के साथ, समाज के जरूरतमंद लोगों के पक्ष में खड़े हैं, उनके खड़े रहने को हम सम्मानित कर सकें, उनका हौसला बढ़ा सकें। दरअसल इस सम्मान के जरिए हम अपनी मां स्नेहलताऔर पिता बच्चा प्रसाद की दुनिया का विस्तार करना चाहते हैं। न्यास के
सदस्स चाहते हैं कि मददगारों के रूप में संघर्षरत शख्मीयतों के बीच उनके माता-पिता की भी पैठ हो। न्यास के सदस्य सुनीता कुमार, सुरेखा आंनद, विजयलक्षी सिन्हा, क्रांति, साकेत कुमार की अपने मां एवं पिता के प्रति यह एक छोटी सी श्रद्धांजलि है और समाज के उस वर्ग को छूने की कोशिश है जो सीधे तौर पर उपेक्षित है। झारखंड की जनजातियों वर्ग का सम्मान बढ़ाने वाली सुश्री पार्वती तिर्की को उनके अथक प्रयासों के लिए सम्मानित करना संपूर्ण समाज के लिए उदाहरण स्वरूप है।
