ची में देशरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की ६६वीं पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई*

देश के संविधान निर्माता, महामानव एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की ६६वीं पुण्यतिथि शुक्रवार को पोंची स्थित उनके प्रेरक अनुयायियों के निवास पर बड़े ही श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबासाहेब के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर की गई। उपस्थित लोगों ने एक स्वर से संकल्प लिया कि डॉ. अम्बेडकर द्वारा दिखाए गए न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व के मार्ग पर चलकर हम देश को मजबूत और समावेशी बनाएंगे।

वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने न केवल भारत का संविधान बनाया, जो विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, बल्कि इसमें संघीय ढांचे के साथ हर वर्ग, हर जाति, हर धर्म और विशेषकर महिलाओं के सम्मान की गारंटी दी। यह संविधान आज भी हमें एकजुट रखने का सबसे मजबूत आधार है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से समाजिक कार्यकर्ता आशिष कुमार सिन्हा, अरविंद सिन्हा, राजन सिन्हा, अभिषेक कुमार, आदित्य कुमार, नितेश कुमार, विवेक सिन्हा, अर्पित कुमार सिन्हा सहित क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं युवा उपस्थित रहे।

अंत में सभी ने एक स्वर में घोष किया
“बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर अमर रहें!”
“भारत माता की जय!”
“वंदे मातरम्!”
“जय भीम! जय भारत!”

बाबासाहेब का सपना था – शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो। आइए, हम सभी मिलकर उनके बताए रास्ते पर चलें और भारत को विश्व गुरु बनाएं।