पलामू की प्रतिभा को संवारने में जुटे कोचिंग संस्थान, शिक्षा के नए युग की शुरुआत : अविनाश देव

पलामू की प्रतिभा को संवारने में जुटे कोचिंग संस्थान, शिक्षा के नए युग की शुरुआत : अविनाश देव

मेदिनीनगर। शिक्षा और चिकित्सा के मामले में लंबे समय तक पिछड़ा माना जाने वाला पलामू अब बदलाव की राह पर है। जहां एक ओर आर्थिक कमजोरी और पलायन जिले की बड़ी समस्या रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रतिभाओं को संवारने के लिए कई कोचिंग संस्थान नई उम्मीद बनकर उभर रहे हैं। संत मरियम विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने कहा कि आज पलामू की कोचिंग संस्थाएँ छात्रों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलाने का सपना साकार कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि पलामू का शैक्षणिक इतिहास गौरवशाली रहा है। यहाँ के विद्वानों द्वारा लिखी किताबें इंग्लैंड तक पढ़ाई जाती हैं, लेकिन मेधावी छात्रों का पलायन हमेशा से चिंता का विषय रहा है। झारखंड-बिहार के कई प्रतिभाशाली छात्र दिल्ली और बंगलुरु के आकाश, एलेन, मेंटर्स जैसे संस्थानों में सेवा देकर अपनी पहचान बना रहे हैं, जबकि स्थानीय प्रतिभाओं को बाहर जाकर संघर्ष करना पड़ता है।

इसी समस्या को देखते हुए देवम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है, ताकि पलामू के बच्चों को बेहतर और किफायती शिक्षा उनके ही जिले में उपलब्ध हो सके। अविनाश देव ने बताया कि आज छात्रों से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गुणवत्ता के कारण देवम इंस्टीट्यूट विद्यार्थियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

संस्थान के प्रमुख शिक्षक प्रवीण दुबे पहले आकाश-एलेन के विभिन्न ब्रांचों में कार्यरत थे, जिन्होंने अब पलामू की शिक्षा को नई दिशा देने का संकल्प लिया है, वहीं मेंटर्स एड्यूसर्व के राहुल राजा सर और पूरी टीम के सहयोग से शिक्षा की एक नई मशाल जलाने की बातें कही गईं, जिसकी रोशनी में पलामू के बच्चे चमकेंगे।

अविनाश देव ने कहा कि यह शुरुआत पलामू में शिक्षा के नए युग का सूत्रपात है, जहाँ से एक नई पीढ़ी आत्मविश्वास और विश्वास के साथ आगे बढ़ेगी।

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