पांकी प्रखंड में कल्याण विभाग के कार्यों में मची लूट, घटिया सामग्री एवं मानक को ताक पर रखकर किया जा रहा कार्य, विभाग मौन
पांकी प्रखंड में कल्याण विभाग के कार्यों में मची लूट, घटिया सामग्री एवं मानक को ताक पर रखकर किया जा रहा कार्य, विभाग मौन
पांकी प्रखंड क्षेत्र में कल्याण विभाग की योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है, कल्याण विभाग की योजनाओं में ना तो मानक के अनुसार सामग्री लगाए जा रहे हैं और ना ही सही भूमि अथवा सही स्थल पर कार्य किया जा रहा है यही नहीं स्थल पर किसी तरह का कोई बोर्ड व सिलापट्ट भी नहीं लगा है जिससे यह साफ प्रतीत होता है कि प्रखंड क्षेत्र में सिर्फ पैसे कमाने के उद्देश्य से योजनाओं को धरातल पर उतरा जा रहा है। विभाग की योजनाओं में बिचौलियागिरी भी पूरी तरह हावी है जिसका ताजा उदाहरण पांकी प्रखंड के आसेहर पंचायत के भैरव टोला हड़ही में श्मशान घाट चारदीवारी के निर्माण कार्य में देखने को मिला। श्मशान घाट चारदीवारी निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू है जहां चारदीवारी के निर्माण कार्य में मानक के अनुसार सरिया एवं सीमेंट नहीं लगाने के साथ-साथ घटिया बंगला ईंट का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है, चारदीवारी में लगाए गए ईंट की गुणवत्ता कुछ इस प्रकार है कि हल्के हाथ से दबाव देने पर ईंट मिट्टी की भांति भरभरा कर ढह जा रहा है यही नहीं चारदीवारी के प्लिंथ की ढलाई में मानक के अनुसार सरिया सीमेंट का उपयोग नहीं करने के साथ-साथ प्लिंथ की ढलाई लगभग 1 फीट जगह मात्र 6 से 7 इंच ही कीया गया है कार्यस्थल पर किसी तरह का बोर्ड अथवा सिलापट्ट भी नहीं है, उक्त कार्य भी लाभुक समिति की बजाय बिचौलिए के देख रेख में किया जा रहा है, घटिया ईंट को छुपाने के उद्देश्य से कार्य युद्ध स्तर पर शुरू है एवं चारदीवारी निर्माण के साथ प्लास्टर का भी कार्य किया जा रहा है, चौंकाने वाली बात तो यह है कि लाभुक समिति के अध्यक्ष नंदू मोची एवं सचिव शुकुल मोची को इस कार्य से संबंधित कोई विस्तृत जानकारी भी नहीं है सिर्फ बिचौलिये के इसारे पर उन्हें अध्यक्ष सचिव बनाया गया है । इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद विभाग के अधिकारी एवं कर्मी चुप्पी साधे हुए हैं।
आपको बता दें कि कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव में धार्मिक स्थल,श्मशान घाट, तथा मसना की घेराबंदी एवं सौन्दर्यीकरण योजना के तहत कई योजनाएं स्वीकृत की गई है जिसकी अनुमानित लागत लगभग प्रति योजना 25 लाख के आसपास है।
आसेहार स्थित हड़ही श्मशान घाट चारदीवारी का कार्य भी लगभग 25 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है बावजूद कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किए जाने से कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने कई बड़े सवाल खड़े किए हैं।
आसेहार एवं हुरलौंग पंचायत में कल्याण विभाग की दर्जनों योजनाएं संचालित है जिसमें कई योजनाएं अधूरी हैं एवं कई योजना निर्माण के कुछ ही वर्षों के बाद क्षतिग्रस्त भी होने लगे हैं जो गंभीर मामला है यदि योजनाओं की सघनता से जांच की जाए तो मापदंड के अलावे भूमि संबंधित भी कई चौंकाने वाले मामले सामने आ सकते हैं।
इस संबंध में कल्याण विभाग के जेई दिनेश कुमार गुप्ता से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार ही कार्य करना है यदि घटिया निर्माण हुआ है तो इसकी जानकारी वरीय पदाधिकारी को दी जाएगी।
मामले के संबंध में जब जिला कल्याण पदाधिकारी से दूरभाष से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

